सौरभ राय/ रफ्तार मीडिया विशेष संवाददाता
रांची: रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर से निकली वाली रथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन भी तैयारियों में जुट चुका है। इसी क्रम में रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित का आयोजन किया गया। इस बैठक में आगामी 16 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले 365वें जगन्नाथपुर रथयात्रा महोत्सव को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
*जगन्नाथपुर रथयात्रा एक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक- मंजूनाथ भजंत्री*
मौके पर रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने रांची के जगन्नाथपूर मंदिर में आयोजित होने वाली रथ यात्रा की विशेषता को लेकर कहा कि जगन्नाथपुर रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रांची की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
*मेला क्षेत्र में शराब बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध*
बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि रथयात्रा और मेला अवधि के दौरान मेला परिधि के 500 मीटर के दायरे में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन द्वारा इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। रांची उपायुक्त द्वारा लिया गया यह फैसला श्रृद्धालुओं के लिए लाभदायक साबित होगा क्योंकि नशे पर प्रतिबंध से लोग पूजा अर्चना के साथ साथ मेले का भी आनंद बिना परेशानी के उठा पाएंगे।
*सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिया गया निर्देश*
रथ यात्रा में झारखंड के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। भीड़ की निगरानी के लिए वॉच टावर बनाए जाएंगे। मेले में अक्सर लोग अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं विशेषकर बच्चे इसलिए खोया पाया केंद्र स्थापित किया जाएगा ताकि मेले में बिछड़ने वाले लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। इसके साथ साथ स्थानीय थाना प्रभारियों को रथयात्रा मार्ग का नियमित निरीक्षण करने और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया गया है।चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
*यातायात और रूट प्रबंधन पर विशेष फोकस*
रथयात्रा तक जाने वाली रूट पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक योजना तैयार की जा रही है। रथ मार्ग के दोनों ओर दुकानों को निर्धारित सीमा के भीतर ही लगाने की अनुमति दी जाएगी। पूरे रूट पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी तथा बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। जिस रास्ते से रथ गुजरेगी उस पर प्रशासन के ओर से अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
*सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने का निर्देश*
बैठक में मंदिर मार्ग और रथयात्रा रूट की सड़कों की मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को सभी निर्माण और मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया ताकि रथयात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
*स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा*
रथयात्रा महोत्सव को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मेला क्षेत्र में प्लास्टिक और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया.श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, रांची नगर निगम को विशेष सफाई अभियान चलाने तथा पूरे मेला क्षेत्र के लिए विस्तृत लेआउट प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
*फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाएं रहेंगी सक्रिय*
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की विशेष तैनाती की जाएगी। मेला क्षेत्र में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और रथयात्रा के दौरान बिजली कटौती नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
*पार्किंग शुल्क होगा निर्धारित*
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों का निर्धारण किया जाएगा।पार्किंग शुल्क प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा तथा शुल्क सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन अनिवार्य होगा ताकि लोगों से मनमानी वसूली न की जा सके।
*लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना*
प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी राजधानी रांची सहित झारखंड और पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रथयात्रा महोत्सव में शामिल होने की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 365वें रथयात्रा महोत्सव को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का आदर्श उदाहरण बनाया जाए।
*इनकी रही उपस्थिति*
रथ यात्रा को सफल बनाने को लेकर आयोजित की गई बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) धनंजय, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उर्वशी पांडेय, जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सह प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशुनाथ शाहदेव एवं मंदिर ट्रस्ट प्रतिनिधियों सहित पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, जलापूर्ति, यातायात एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।