दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा
विकसित भारत कार्यक्रम के तहत माय भारत संस्था, जामताड़ा द्वारा सोमवार को सावित्री देवी डीएवी पब्लिक स्कूल में नशा मुक्त युवा विकसित भारत विषय पर जिला स्तरीय विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। युवा एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशा मुक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज महतो थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्या प्रीति श्रीवास्तव, जामताड़ा महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. काकोली गोराईं, डीएवी के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार तथा माय भारत की उपनिदेशक उत्तरा विश्वास सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के दौरान लोकगीत, समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन, वाद-विवाद, भाषण, लघु फिल्म, स्लोगन लेखन तथा नशा मुक्ति पर स्लैम पोएट्री जैसी विधाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। स्लैम पोएट्री में शिवम कुमार प्रथम, सोमनाथ दत्त द्वितीय एवं आकांक्षा कुमारी झा तृतीय स्थान पर रहीं।लोकगीत प्रतियोगिता में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ने प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि डीएवी विद्यालय तृतीय स्थान पर रहा। भाषण प्रतियोगिता में प्रेमजीत दास प्रथम, अक्षत कुमार सिन्हा द्वितीय एवं माही कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। समूह नृत्य में सुमित्रा मरांडी एवं उनकी टीम प्रथम, संत अंथोनी विद्यालय द्वितीय तथा डीएवी विद्यालय तृतीय स्थान पर रहा। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में डीएवी की साक्षी कुमारी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वही निर्णायक मंडली में मनोज कुमार सिंह, नरेश स्वर्णकार, उदय कुमार सिंह, उज्ज्वल गांधी, डी.डी. भंडारी, हृदयानंद कुमार, बी.एन. सिंह, बन्नोश्री सरकार, मधु कुमारी, देवाशीष दास, अभिषेक दुबे एवं स्नेह प्रभात दूबे सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने कहा कि नशाखोरी आज समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि नई समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक कर ही विकसित और स्वस्थ भारत का निर्माण संभव है।माय भारत संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।