संवाददाता: राजन साहू, कानपुर

*कानपुर, 25 अगस्त 2026* : कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के कॉरिडोर-2 में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। सीएसए से बर्रा-8 तक बन रहे लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन की ‘डाउनलाइन टनल’ में ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है।

रावतपुर से डबल पुलिया तक 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड हिस्से की डाउनलाइन टनल में अब ट्रैक पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही कॉरिडोर-2 के डिपो रैंप से विजय नगर स्टेशन के पास स्थित रैंप तक डाउनलाइन ट्रैक का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है। इससे आने वाले समय में इस खंड पर ट्रेनों के ट्रायल की राह आसान होगी।

अधिकारियों के अनुसार मार्च 2026 में टनलिंग समाप्त होने के बाद ट्रैक कार्य शुरू किया गया था। सबसे पहले एफबीडब्ल्यू यानी फ्लैश बट वेल्डिंग प्लांट को डिपो रैंप के पास जमीन के नीचे स्थापित किया गया। यहां पटरियों की वेल्डिंग के बाद उन्हें ट्रैक्टर व अन्य उपकरणों की मदद से टनल के भीतर बिछाया गया। इसके बाद ट्रैक स्लैब की ढलाई, डिरेलमेंट गार्ड और थर्ड रेल लगाने का काम भी किया गया।

वर्तमान में अपलाइन टनल में भी ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही कॉरिडोर-2 के लगभग 4.50 किमी लंबे एलिवेटेड हिस्से की अपलाइन और डाउनलाइन दोनों पर ट्रैक निर्माण प्रगति पर है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

कानपुर मेट्रो में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शन में बैलास्ट-लेस यानी गिट्टी-रहित ट्रैक लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे ट्रैक में रखरखाव बहुत कम लगता है और इनका जीवनकाल भी लंबा होता है। मेट्रो में रोज 15 से 16 घंटे ट्रेन संचालन होता है, ऐसे में रखरखाव के लिए कम समय मिलता है। बैलास्ट-लेस ट्रैक इसी जरूरत को पूरा करता है और यात्रियों को सुरक्षित व आरामदायक सफर देता है।

कुल मिलाकर कॉरिडोर-2 के डाउनलाइन ट्रैक के पूरा होने से कानपुर मेट्रो के दूसरे चरण की परियोजना एक कदम और आगे बढ़ गई है। अब निगाहें अपलाइन और एलिवेटेड सेक्शन में ट्रैक कार्य पूरा होने पर टिकी हैं, ताकि पूरे कॉरिडोर पर जल्द परिचालन शुरू किया जा सके।