नामकुम (अमित शर्मा)
पवित्र सावन महीने की शुरुआत होते ही सभी शिव मंदिर व धामों में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ने लगता है। प्रखंड के उनीडीह राजाउलातू  234 एकड़ में फैले पहाड़ पर विराजमान मरासिल्ली बाबा सभी की मनोकामना पूरी करते हैं। रांची के अलावा झारखंड के कई जिलों एवं अन्य राज्यों से भी शिवभक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। सावन में बाबा का जलाभिषेक करने हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं। मंदिर में स्थित शिवलिंग का निर्माण किसने किया यह आज भी रहस्य है। स्थानीय लोग स्वयंभू मानते हैं।
पहाड़ स्थित कुंड के जल से होता है जलाभिषेक 
जमीन से 200 फ़ीट की उंचाई पर स्थित मरासिल्ली बाबा मंदिर से कुछ दूर कुंड है जिसके पानी से ही बाबा का जलाभिषेक किया जाता है। कुंड में  कई सांप एवं सैकड़ों मछलियां हैं। इसका पानी कभी नहीं सूखता है।
*आस्था के साथ मनोरम दृश्य करती है आकर्षित* 
क्षेत्र का एकमात्र धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है। पहाड़ के आसपास का मनोरम दृश्य लोगों को आकर्षित करता है यहीं वजह है कि आने वालें सेल्फी व फोटो लेना नहीं भूलते। 
*ट्रस्ट के लोग करते हैं देखभाल* 
मंदिर व पहाड़ की विधि व्यवस्था शिवलोक धाम मरासिल्ली पहाड़ ट्रस्ट के सदस्यों के द्वारा की जाती है। ट्रस्ट के सदस्य मंदिर निर्माण एवं पहाड़ के विकास में दिन-रात लगें हैं।
ट्रस्ट के अध्यक्ष दयानंद राय ने बताया कि सावन में आने वालें श्रद्धालुओं को सुविधायुक्त दर्शन कराने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है जिसमें सदस्यों के साथ स्थानीय प्रशासन का सहयोग मिलता है।
पूरे सावन पहाड़ के उपर एवं नीचे मेला के जैसा माहौल रहता हैं। पूजन सामग्री की दर्जनों अस्थाई दुकानों के अलावा खानें पीने, मिठाई की बिक्री होती है। सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता है। वहीं इस वर्ष पहाड़ के नीचे लगें डिजनी वर्ल्ड के लगें झूले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।