दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष राधा कृष्ण एवं सचिव पवन कुमार के मार्गदर्शन में शनिवार को किशोर न्याय बोर्ड, जामताड़ा में बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड की सालिका अन्ना हेरेंज ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, उपेक्षा, हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार ने कार्यक्रम में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पॉन्सरशिप योजना, फोस्टर केयर , अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों के पुनर्वास तथा सरकार की विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर बच्चों को योजनाओं से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की राह प्रशस्त की जा सकती है। वही बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने बच्चों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार, शिक्षा का अधिकार तथा शोषण से सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी देते हुए सभी से बच्चों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। मौके पर किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य नाज परवीन , अधिकार मित्र राजेश दत्त,अमित कुमार मिश्रा, बिस्वजीत पाल, मेघा गुप्ता,आनंद महतो, आरिफा खातून , अमित सिंह एवं सभी सदस्य उपस्थित थे।