रफ्तार मीडिया संवाददाता /मिथिलेश यादव /मेदिनीनगर- पलामू भाजपा द्वारा दीनदयाल सभागार मे आपातकाल के 51 वे वर्ष पर संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को देश में इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस नेता आज संविधान की दुहाई देते फिर रहे हैं और लोगों को भ्रमित करते रह रहे है। आपातकाल कांग्रेस के काले अध्याय का इतिहास रहा है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। इमरजेंसी घोषित कर संविधान एवं लोकतंत्र में आस्था रखने वाले राष्ट्र भक्तों पर मिशा लगाकर जेल भेजना  यातनाएं देना कांग्रेस का पुराना इतिहास रहा है इसलिए लोगों ने कांग्रेस को नकार दिया है। जबकि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सेवा समर्पण के साथ सुशासन लाने और जन कल्याण का कार्य पिछले 12 वर्ष से कर रही है जिसका लाभ गांव गरीब किसान महिला युवा को भी मिल रहा है समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य एवं देश को विकसित राष्ट्र बनाने के सपना को लेकर मोदी सरकार कृत संकल्पित है।
झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री  इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि देश में इमरजेंसी लगाकर जिस प्रकार संविधान और लोकतंत्र का गला घोटा गया वह काला अध्याय इतिहास के पन्नों में दर्ज है जिसका खमियाजाना भी बाद में उन लोगों को भी भुगतना पड़ा जिन्होंने यह कृत किया था। जन सेवा ही सर्वोपरि है स्वार्थ से देश एवं समाज का नुकसान होता है। 
पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान बिना किसी कारण नियम विपरीत  लोगों को पकड़कर जेल में बंद किया गया जिससे लोकतंत्र एवं संविधान भी शर्मसार हुआ लोगों का सरकार के प्रति अविश्वास बढा और अंततः तत्कालीन सरकार को जनता ने उखाड फेका।
प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने कहा कि आपातकाल भारत के संविधान और लोकतंत्र पर कुठाराघात था जो जनमानस के हृदय में आज भी कचोटता है।
निशा में बंद तारकेश्वर आजाद रवि शंकर पांडे एवं अन्य अपने-अपने आपातकाल की स्थिति और विचार सभी के साथ साझा किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अमित तिवारी ने किया संचालन विजय ठाकुर एवं धन्यवाद ज्ञापन अजय सिंह ने किया। कार्यक्रम में मनोज सिंह शशि भूषण भगत शशि भूषण कुशवाहा अरुण शंकर कमलेश सिंह श्याम नारायण दुबे प्रेम सिंह विपिन बिहारी से पुष्पा देवी मनोज भुइया विजयआनंद पाठक नरेंद्र पांडे प्रोफेसर के के मिश्रा प्रमोद बिहारी शुक्ला सिद्धेश्वर सिंह सतनारायण प्रसाद ज्योति गोयल शंकर साहू दिवाकर नारायण पांडे शिवकुमार मिश्र अरविंद सिंह सुनील पासवान अनीता देवी मुन्ना चंद्रवंशी अजय तिवारी लवली गुप्ता रूपा सिंह विजय ओझा सरवन गुप्ता राजहंस अग्रवाल शुभम प्रसाद श्वेताग गर्ग विजय ओझा रविंद्र सिंह कामेश्वर कुशवाहा ईश्वरी पांडे सुनील तिवारी अरविंद गुप्ता संजय कुमार भोला पांडे शशि भूषण पांडे बीपी शुक्ला रीना किशोर सहित सैकड़ो की संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।