लोकेशन=बस्ती धर्मेन्द्र द्विवेदी 

शुक्रवार को घोषित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में क्षेत्र के मेधावियों ने परचम लहराया है ।
छावनी निवासी देवेश सिंह और अंकिता सिंह की पुत्री आर्य श्री सिंह ने 685 अंक अर्जित करके परिवार का गौरव बढ़ा दिया । वह बताती है कि अगर दृढ़ निश्चय हो तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है । एक निश्चित रणनीति के तहत समयबद्ध तरीके से पढ़ाई सफलता के मार्ग को प्रशस्त करती है । 
वह अपनी सफलता में अपने माता-पिता व शिक्षकों वा बाबा अवधेश सिंह का विशेष योगदान बताती है । 
बी आर इंटर कॉलेज हरैया के शिक्षक सरैया अतिबल निवासी  अशोक सिंह की पुत्री अंशिका सिंह ने 579 अंक लेकर अपने दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की है । वह बताती है कि बिना किसी कोचिंग ट्यूशन के ऑनलाइन क्लासेस के बल पर भी  सफलता प्राप्त की जा सकती है । अपनी सफलता में वह अपनी माता अर्चना सिंह सेवानिवृत शिक्षक बाबा मारकंडे सिंह, बड़े पिता रामजन्म सिंह, चाचा अर्जुन सिंह सहित परिवार के सभी सदस्यों व मामा मामी के योगदान की भी चर्चा करती है । गत वर्ष कठिन पेपर होना और इसके बाद इस वर्ष परीक्षा के कैंसिल हो जाने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी  । कप्तानगंज नगर पंचायत, तिनिहवा  के रहने वाले रामदास चौधरी के पुत्र शिवम चौधरी ने 581 अंक लेकर अपना परिवार का गौरव बढ़ाया है । शिवम बताते हैं कि माता कुशलावती सहित परिवार के सभी लोगों का उत्साहवर्धन सफलता प्राप्त करने में काफी सहायक सिद्ध हुआ । शिवम बताते हैं कि पहली बार परीक्षा कैंसिल होने पर थोड़ी निराशा जरूर हुई थी लेकिन विश्वास डिगा नहीं था  । खरका देवरी के राम सिंगर वर्मा और जयंती देवी के पुत्र रमन वर्मा ने 566 अंकों के साथ सफलता प्राप्त करके परिवार की अपेक्षा पर खरे उतरे हैं । प्रगतिशील किसान चाचा आज्ञा राम वर्मा भतीजे की सफलता पर गदगद है  । ऐंठी निवासी राज किशोर तिवारी बब्बू व मीरा देवी की पुत्री साक्षी त्रिपाठी ने 569 अंकों के साथ पहले ही प्रयास में सफलता का परचम लहरा कर गांव क्षेत्र का नाम रोशन किया है । वह बताती है कि अगर नियमित रूप से 6 घंटे की भी पढ़ाई रोज की जाए तो सफलता मिलने में देरी नहीं लगती । आवश्यकता इस बात की है कि पहले ठीक से पाठ्यक्रम की जानकारी करके उसी के अनुरूप रणनीति बनाकर के प्रयास करना चाहिए । उन्होंने अपनी सफलता के लिए माता-पिता सहित पूरे परिवार व शिक्षक चाचा धनीश त्रिपाठी को मार्गदर्शन तो काफी उपयोगी बताया । डूहवा के लव कुश शर्मा और माधुरी शर्मा के पुत्र प्रांजल शर्मा ने अपने पहले प्रयास में ही 592 अंक लेकर परिवार व क्षेत्र का नाम रोशन किया है । बताते हैं की सफलता के लिए दृढ़ निश्चायी होना जरूरी है । अपने शिक्षकों द्वारा मिलने वाले मार्गदर्शन का सत प्रतिशत उपयोग करके कोई भी सफलता प्राप्त कर सकता है । दुबौलिया विकासखंड के डारीडीहा के ग्राम प्रधान अमरनाथ चौधरी के पुत्र अतुल चौधरी ने पहले प्रयास में ही 550 अंक प्राप्त करके सफलता का परचम लहराया है जिससे पूरे परिवार में प्रसन्नता की लहर है लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया । महुआ मिश्र निवासी बलराम वर्मा और प्रेमा वर्मा की पुत्री प्रतीक्षा वर्मा ने अपने दूसरे प्रयास में 573 अंकों के साथ या सफलता प्राप्त करके पूरे परिवार का मनोबल बढ़ा दिया है । वह बताती है कि पिछले वर्ष बहुत कम नंबर से चूकने के बाद इस बार  भी जब परीक्षा निरस्त हुई तो एक बार डर लगा था लेकिन हिम्मत नहीं हारी और अंत में सफलता मिल गई। इसके लिए वह अपने परिवार के लोगों के निरंतर संघर्ष के साथ प्रोत्साहन और मार्ग दर्शक डॉक्टर दीनानाथ पटेल को श्रेय देती है। दुबौलिया विकासखंड के मझियार गांव के शिक्षक परिवार में जन्मे सौरभ वर्मा की 561 अंकों के साथ सफलता से पूरा परिवार गदगद है । इनके पिता राम प्रताप वर्मा ,चाचा विजय प्रताप चाची प्रज्ञा बेसिक विभाग में शिक्षक है तो बाबा सभाजीत चौधरी चौधरी भी सेवानिवृत शिक्षक हैं । जंगल कठार के राजेश चौधरी और सुगनी देवी की पुत्री श्वेता चौधरी ने 587 अंकों के साथ सफलता अर्जित करके परिवार का सम्मान बढ़ा दिया है । श्वेता बताती है कि कठिन परिश्रम सफलता के लिए बहुत आवश्यक है परीक्षा के निरस्त होने के बाद भी कभी उनके मन में यह नहीं आया कि उन्हें सफलता नहीं मिलेगी और अंत में उनका विश्वास जीत गया । सफलता में ऑनलाइन क्लासेज का बहुत योगदान रहा । उनकी प्रसन्नता पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राजाराम यादव,सूर्य प्रकाश पांडेय, मुकेश यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है