संवाददाता - राजन साहू
*कानपुर।* नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर बुलाई गई कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जमकर हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक में बाहरी लोगों के शामिल होने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि नगर आयुक्त ने बैठक का ही बायकॉट कर दिया।
सूत्रों के अनुसार महापौर प्रमिला पांडे की ओर से बैठक में कुछ वकीलों को शामिल कराया गया था, जबकि कार्यकारिणी बैठक में बाहरी लोगों के शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह नियम विरुद्ध है और बैठक की गरिमा के खिलाफ है।
बताया जा रहा है कि पार्षद सदस्यों ने पहले से ही बैठक को लेकर षड्यंत्र रच रखा था। बैठक के दौरान नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी रखा गया, जिसके बाद माहौल और गरमा गया।
विकास कार्यों पर चर्चा के लिए बुलाई गई यह बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। पार्षदों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद बैठक को स्थगित करना पड़ा। नगर निगम में इस घटना के बाद से तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।