डॉ विभूति सिंह/भागलपुर।
माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुपालन को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, भागलपुर ने नई गाइडलाइन जारी की है।
माननीय उच्च न्यायालय के मुख्य निर्देश एवं भागलपुर पुलिस की अपील:
1. समय सीमा तय: रात्रि 09:55 बजे से सुबह 06:00 बजे तक डीजे/लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। विवाह समारोह, पार्टियों और सार्वजनिक आयोजनों में निर्धारित समय के बाद DJ, पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग नहीं होगा।
2. आवाज की सीमा तय: ध्वनि की तीव्रता 45-70 डेसीबल के भीतर रखना अनिवार्य है। दिन में भी लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित सीमा के अंदर ही रहेगी।
3. मैरिज हॉल और DJ संचालकों के लिए निर्देश: सभी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और DJ संचालकों को प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार अनिवार्य पंजीकरण और अभिलेख संधारण करना होगा।
4. साइलेंस जोन का ध्यान: अस्पताल, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य निर्धारित Silence Zone के आसपास तेज आवाज में हॉर्न, DJ और लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
5. प्रेशर हॉर्न पर बैन: वाहनों में मानकों के विपरीत प्रेशर हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित। उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा-190(2) के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
6. उल्लंघन पर कार्रवाई: निर्धारित समय, ध्वनि सीमा और नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, DJ संचालकों, वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि उत्सव मनाते समय बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों, विद्यार्थियों को होने वाली असुविधा का विशेष ध्यान रखें। ध्वनि प्रदूषण केवल असुविधा नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।