सौरभ राय/रफ्तार मीडिया
रांची: झारखंड की सियासत में एक बार पुनः ट्रेजरी घोटाले को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार पर संगीन आरोप लगाए हैं। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जांच शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर रही है, जबकि मामले के बड़े दोषियों तक जांच की आंच नहीं पहुंच रही है। उन्होंने बताया राज्य सरकार ने अकाउंटेंट जनरल (एजी) से विशेष ऑडिट कराने की अनुशंसा की थी, लेकिन दो महीने बाद भी एजी कार्यालय द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। प्रतुल शाहदेव के अनुसार यह पूरे मामले को दबाने की साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
*ट्रेजरी अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई है- प्रतुल*
प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि करीब 10 हजार करोड़ रुपये के खजाने का हिसाब नहीं मिल रहा है। यह बयान अपने आप में बड़े वित्तीय घोटाले की ओर संकेत करता है। इसके बावजूद प्रथम दृष्टया संलिप्त माने जा रहे ट्रेजरी अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है और न ही उन्हें उनके पदों से हटाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन खातों को फ्रीज किया गया है, वे अपेक्षाकृत छोटे पदों पर कार्यरत लोगों से जुड़े हैं, जबकि पूरे मामले के प्रभावशाली और बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि अब तक जांच रिपोर्ट आने के भी कोई संकेत नहीं हैं, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
*भाजपा इस मुद्दे पर सदन से सड़क तक करेगी संघर्ष*
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा शुरू से ही एसआईटी और सीआईडी जांच टीम के गठन को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, जो चिंता का विषय है।उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की लूट करने वालों को किसी भी कीमत पर बचने नहीं देगी। पार्टी इस मामले को दबने नहीं देगी और दोषियों को सजा दिलाने तथा जनता के पैसे का पूरा हिसाब लेने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगी।