रफ्तार मीडिया/ सुमन सिन्हा, आशीष सिन्हा

हजारीबाग। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाला ने रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में हजारीबाग जिले में जल, जंगल और जमीन की कथित लूट का आरोप लगाते हुए कई महत्वपूर्ण मामलों की उच्चस्तरीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जिले में नदी-नालों, तालाबों और सरकारी जमीनों पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है, जिस पर जिला प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
सुरजीत नागवाला ने आरोप लगाया कि हजारीबाग झील के सुंदरीकरण के लिए आवंटित 13 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि का कार्य गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थल पर निर्माण कार्य मानकों के अनुसार नहीं दिखाई देता, जिससे राशि के दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने पूरे परियोजना की तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने जिले की सरकारी जमीन, नदी, नाला और तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे प्राकृतिक जल स्रोत समाप्त हो रहे हैं और बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने सभी अंचलों में विशेष सर्वे कराकर अतिक्रमण चिन्हित करने और उसे हटाने की मांग की।
प्रेस वार्ता में उन्होंने खास महल की जमीनों की कथित अवैध खरीद-बिक्री एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जे के मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग भी उठाई। साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।
इसके अलावा उन्होंने हजारीबाग आवास बोर्ड की जमीन और मकानों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए भौतिक सत्यापन कराने तथा पात्र लाभुकों को उनका अधिकार दिलाने की मांग की।
सुरजीत नागवाला ने यह भी कहा कि हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के 140 थानों की रसीद आज तक नहीं काटी गई है, जिसकी भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस अवसर पर जिला प्रवक्ता मनोज नारायण भगत, इंटक प्रदेश सचिव धीरज सिंह, बरकट्ठा विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी अशोक देव, कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय प्रजापति, सहकारिता जिला अध्यक्ष कृष्ण किशोर प्रसाद, इंटक नेता परमेश्वर कुमार, राजेश प्रजापति, सुनील चंद्रवंशी, मनजीत सिंह, अरुण कुमार सिन्हा, अमित सिन्हा सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।