तहसील पडरौना, कुशीनगर के पिपरा बुजुर्ग गांव में ग्राम सभा की भूमि पर बन रही नाली का निर्माण कार्य पुलिस द्वारा रोक दिए जाने पर ग्रामीण अब्दुल लतीफ ने जिलाधिकारी कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर जांच और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
*10 परिवारों के नाली का पानी निकास की समस्या*
प्रार्थी अब्दुल लतीफ पुत्र सहाबुद्दीन, निवासी पिपरा बुजुर्ग, थाना नेबुआ नौरंगिया, तहसील पडरौना ने बताया कि उनके घर के पास लगभग 10 परिवार रहते हैं, लेकिन पानी निकास के लिए नाली नहीं थी। अनेकों बार उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बाद ग्राम सभा की नवीन परती गाटा संख्या- 789 में ग्राम प्रधान द्वारा तहसीलदार पडरौना व खंड विकास अधिकारी विशुनपुरा के आदेश पर 20.05.2026 से नाली निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
*पुलिस ने बलपूर्वक रोका काम, अभद्रता का आरोप*
पीड़ित अब्दुल लतीफ का आरोप है कि निर्माण के दौरान थाने के एस0आई0 प्रमोद गौतम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने बताया कि एसआई ने कहा कि उक्त भूमि पर माननीय दीवानी न्यायालय से वाद संख्या- 4/2026 शकिल बनाम वसीर अहमद में स्थगन आदेश प्रभावी है।जबकि पीड़ित का कहना है की निर्माण कार्य हो रहे गाटा संख्या पर कोई स्थगन आदेश नहीं है।
*स्थगन आदेश दूसरी भूमि पर, नाली निर्माण पर नहीं*
प्रार्थी ने इस मामले को लेकर न्यायालय जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि उक्त वाद भूमि संख्या- 794/0.053 हे0 के बाबत दाखिल है। प्रार्थी का कहना है कि उससे निर्माण कार्य में कोई प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि 794 के बगल में भूमि संख्या- 1516 रास्ते की भूमि है जिसकी पैमाइश हल्का लेखपाल व राजस्व निरीक्षक द्वारा की गई है। रास्ते के दूसरी तरफ आ0सं0- 789 नवीन परती की भूमि है, जिस पर नाली बन रही थी। उक्त भूमि पर कोई स्थगन आदेश नहीं है पुलिस को गुमराह किया गया है।
डीएम से की थी जांच की मांग प्रार्थी ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए मौके की जांच कराई जाए और नाली निर्माण कार्य को आदेश दिया जाए, ताकि जल निकासी की समस्या दूर हो सके।
*तहसील समाधान दिवस मे दोनों पक्षो की पेशी*
वही इस मामले मे क्षेत्रीय निरीक्षक ने दोनों पक्षो को आज तहसील समाधान दिवस मे समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा के सामने पेश किया गया दोनों पक्षो को सुनने के बाद निर्माण कार्य मे बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्ति को अपर जिलाधिकारी ने फटकार लगाते हुए राजस्व निरीक्षक और एसडीएम सदर को निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिए।