वाराणसी /आशुतोष मिश्रा :कमिश्नरेट वाराणसी की फूलपुर पुलिस और एसओजी (SOG) टीम को देर रात सोमवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। फुलपुर स्थिति घमहापुर गांव के बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे ₹50,000-50,000 के दो इनामी बदमाशों, आशीष राजभर और मनीष राजभर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली दोनों बदमाशों के पैर में लगी है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बीती 26 अप्रैल को फूलपुर के ग्राम घमहापुर में एक अनियंत्रित कार ने एक महिला को टक्कर मार दी थी। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस उपायुक्त (गोमती जोन) श्रीमती नीतू कादयान के निर्देशन में गठित टीम लगातार वांछितों की तलाश में दबिश दे रही थी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी ग्राम कठिराव खरका के पास एक पुराने ईंट-भट्टे के जर्जर मकान में छिपे हैं।
जब संयुक्त पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जो दोनों अभियुक्तों (आशीष और मनीष राजभर) के पैर में लगीं।पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से  दो अवैध तमंचे (.315 बोर), जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।इससे पहले भी इस मामले में पुलिस 4 मुख्य अभियुक्तों और उन्हें शरण देने वाले 5 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।सफल कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक फूलपुर अतुल कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह, चौकी प्रभारी कठिराव जितेंद्र कुमार वर्मा और उनकी पूरी टीम शामिल रही। पुलिस अब मामले में आगे की विधिक कार्यवाही कर रही है।