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*संवाद सूत्र/गोराडीह*
भागलपुर जिले में नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का जाल इस प्रकार फैला है कि आने वाले दिनों में किसी भी इमारत,पुल,पुलिया को ढहने में देर नहीं लगेगी।इस अवैध कारोबार के पीछे खादी से लेकर खाकी तक सभी के तार जुटे हुए हैं। गोराडीह थाना अंतर्गत बिनरौध-बड़हरी में भी वासुदेव तांती और उनके अन्य सहयोगियों के द्वारा नकली सीमेंट फैक्ट्री का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है। गांव के बीच सड़क पर ट्रक से स्क्रैप/जमा हुआ सिमेंट का बोरा ट्रैक्टर पर पलटी कर ये अपने गोदाम में ले जाते हैं फिर होता है असली खेल। ग्रामीणों ने बताया कि वासुदेव तांती अपने गोदाम में घटिया क्वालिटी के पाउडर, राख और अन्य मिलावटी पदार्थों को ब्रांडेड सीमेंट कंपनियों के कट्टों में भरकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचते हैं।नकली सीमेंट का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में होने से आम लोगों के मकान और सरकारी भवनों की मजबूती पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
*जानें कैसे होता है खेल*
1.*ब्रांड की नकल*: बड़े-बड़े ब्रांडेड सीमेंट कंपनियों के खाली कट्टे खरीदे जाते हैं।
2. *मिलावट*: कमजोर सीमेंट पाउडर में राख, चूना और अन्य सस्ते पदार्थ मिलाए जाते हैं।
3. *बिक्री*: इसे आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते दाम पर सप्लाई कर दिया जाता है। सड़क व पुल निर्माण कंपनी के ठेकेदार को को भी बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जाता है।
*आवश्यक कार्रवाई हेतू मानवाधिकार टीम गंभीर*
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टी आई जागरूकता संगठन भारत के मीडिया प्रकोष्ठ राष्ट्रीय सचिव डॉ विभूति सिंह ने बताया कि इसकी विभागीय जांच कराई जाएगी और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अतिशीघ्र फैक्ट्री को सील किया जाएगा। और इस फैक्ट्री के संचालक के विरूद्ध संबंधित अधिनियमों के तहत FIR दर्ज भी कराई जाएगी। बहरहाल मानवाधिकार टीम फैक्ट्री संचालकों और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों के बारे में गुप्त सूचना इकट्ठा कर रही है।
वहीं डॉ विभूति सिंह ने कहा कि खाद्य एवं औषधि विभाग की तर्ज पर अब सीमेंट की गुणवत्ता की भी सैंपल जांच होनी चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी निर्माण कार्य में जोखिम न उठाना पड़े।उसने आम जनता से अपील की है कि सीमेंट खरीदते समय कंपनी का बैच नंबर, MRP, ISI मार्क और पैकिंग की सील जरूर जांचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या प्रशासन को दें।
*विशेषज्ञ की राय*
इंजीनियरों का कहना है कि नकली सीमेंट से बना मकान भूकंप और भारी बारिश में गिर सकता है। इससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान होगा बल्कि जान-माल का भी खतरा है।