संवाददाता रोहित कुमार/बिजनौर
बिजनौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान कलक्ट्रेट पहुंचे इस दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और धरने पर बैठ गए।
किसानों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि पाठ्यक्रम में 5 वर्ष से पहले कोई बदलाव न किया जाए। साथ ही, महंगी किताबों की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही, आरोप लगाया कि स्कूल मालिक और प्रकाशक मिलकर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं।स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं पर भी किसानों ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि फार्मेसी कंपनियां, डॉक्टर और पैथोलॉजी लैब मिलकर जांच रिपोर्ट और दवाइयों में भारी कमीशनखोरी कर रहे हैं, जिससे मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया गया।
जिले में बन रहे दो नेशनल हाईवे और एक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल था। किसानों ने बताया कि उनकी हजारों बीघा जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसके लिए सर्किल रेट (लगभग 4-5 लाख रुपये प्रति बीघा) बाजार मूल्य (70 लाख से 1.5 करोड़ रुपये प्रति बीघा) से बहुत कम है। उन्होंने जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग की।बिजली विभाग की मनमानी पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग बिना किसी सूचना या नोटिस के उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा रहा है और बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी कर रहा है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
बिलाई शुगर मिल द्वारा पिछले पेराई सत्र का गन्ना भुगतान न करने पर भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और मिल से जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, किसानों ने दूध से बने उत्पादों में भारी मिलावटखोरी पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की।