लोगों को समय पर और जवाबदेह सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करने के भगवंत मान सरकार के संकल्प को उजागर करते हुए पंजाब के परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को घोषणा की कि पंजाब परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस (डी.एल.) और पंजीकरण प्रमाणपत्र (आर.सी.) सेवाओं में कुल बकाया दर को घटाकर मात्र 0.36% कर दिया है, जिससे बकाया मामले 1% के मानक से काफी नीचे रहे हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय प्रदर्शन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद विवरण साझा करते हुए परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "इस मूल्यांकन में 'पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज एक्ट, 2018' के तहत अधिसूचित 12 प्रमुख सार्वजनिक सेवाओं को शामिल किया गया। इस समीक्षा बैठक में राज्य परिवहन आयुक्त परनीत शेरगिल सहित पंजाब भर के उप मंडल मजिस्ट्रेट-सह-लाइसेंसिंग एवं पंजीकरण प्राधिकारियों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (आर.टी.ओ.) ने भाग लिया।"

उन्होंने जोर देकर कहा, "भगवंत मान सरकार नागरिक-केंद्रित शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां बिना किसी प्रशासनिक बाधा के सार्वजनिक सेवाएं कुशलतापूर्वक प्रदान की जाती हैं।"

विभाग के प्रदर्शन के आंकड़े साझा करते हुए परिवहन मंत्री ने बताया, "1 जनवरी से 17 अगस्त 2026 के दौरान विभाग को पंजीकरण प्रमाणपत्रों के लिए 15,55,958 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से निर्धारित समय-सीमा के बाद केवल 3,673 आवेदन ही बकाया रहे, जिससे बकाया दर मात्र 0.24% दर्ज की गई। इसी प्रकार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्राप्त 2,71,146 आवेदनों में से केवल 2,871 मामले ही बकाया थे, जो कि केवल 1.06% की कम बकाया दर को दर्शाता है।"

संयुक्त आंकड़ों को उजागर करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा, "इस अवधि के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र सेवाओं के लिए प्राप्त कुल 18,27,104 आवेदनों में से निर्धारित समय के बाद केवल 6,544 मामले ही बकाया थे, जिससे समग्र बकाया दर केवल 0.36% रह गई है। ये आंकड़े विभाग की निरंतर निगरानी और सुव्यवस्थित निपटान प्रणाली का स्पष्ट प्रमाण हैं।"

अधिकारियों को कार्यक्षमता के इसी मानक को बनाए रखने के निर्देश देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा, "सभी लाइसेंसिंग और पंजीकरण प्राधिकारियों और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी इस कार्यक्षमता के बेंचमार्क को बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सीमा के बाद बकाया सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। राज्य के सभी नागरिकों को पारदर्शी, समय पर और परेशानी रहित प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकारी अपने-अपने स्तर पर सख्त आंतरिक निगरानी जारी रखें।"