हरियाणा सरकार ने प्रदेश में घटते लिंगानुपात को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लिंगानुपात सुधार से जुड़े उपायों की प्रभावी मॉनिटरिंग, क्रियान्वयन में कथित लापरवाही तथा खराब प्रदर्शन के आरोप में चार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।

 

उन्होंने कहा कि अवैध लिंग जांच, कन्या भ्रूण हत्या रोकने तथा प्रदेश में लैंगिक संतुलन मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है उसमें जिला सोनीपत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुरखास में तैनात एसएमओ डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रादौर में तैनात एसएमओ डॉ. विजय परमार, रोहतक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चिड़ी में तैनात एसएमओ डॉ. सतपाल तथा नारनौल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहलांग में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभा शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी अधिकारियों को क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध किया गया है।

 

सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लिंगानुपात सुधार से संबंधित उपायों की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में विफलता तथा खराब प्रदर्शन के चलते यह सख्त कार्रवाई की गई है।