पंजाब के युवाओं को नशों से दूर कर खेलों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पूरे प्रदेश में 6,000 नए खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की। यह पहले से निर्मित 3,000 स्टेडियमों में एक महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। उन्होंने विकास की एक व्यापक रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें राजा सांसी विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये और ऐतिहासिक गांव लोपोके के विकास के लिए 20 लाख रुपये शामिल हैं।
 इसके साथ ही उन्होंने ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ सरकार की लगातार सख्ती को भी दोहराया।

अमृतसर के लोपोके स्थित शहीद भाई मेवा सिंह लोपोके स्टेडियम में आयोजित पहले कबड्डी कप का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के ऐसे प्रयास “रंगला पंजाब” की गरिमा को पुनर्स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इस सराहनीय आयोजन के लिए ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की प्रभारी सोनिया मान और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की।

खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “युवाओं को खेलों से जोड़कर नशों से बचाया जा सकता है। खेलों के माध्यम से पंजाब के युवा एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने खेलों और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।

नशा विरोधी अभियान के संबंध में मंत्री ने कहा, “हमारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान बड़ी सफलता प्राप्त कर चुका है, जिसके तहत कई बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सरकार नशों की इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ऐसे खेल आयोजनों को लगातार प्रोत्साहित करती रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि राजा सांसी विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि ऐतिहासिक गांव लोपोके को भी इसके विकास हेतु 20 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर सोनिया मान ने कहा, “कनाडा के पहले सिख शहीद और लोपोके गांव के निवासी भाई मेवा सिंह लोपोके एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपनी कौम और समाज के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मैं उनकी स्मृति में आयोजित इस पहले कबड्डी कप के लिए स्थानीय निवासियों का धन्यवाद करती हूं और खेलों को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री तथा पंजाब सरकार की आभारी हूं।”

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य रेशम वड़ैच, पूर्व सरपंच अमरदीप सिंह, चेयरमैन परमजीत सिंह, बलजीत सिंह सैदपुर, गुरजीत सिंह (मीत प्रधान), राम सिंह चोगावां, कबड्डी कोच राम सिंह सरपंच सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।