शिकारीपाड़ा/दुमका/ललित कुमार पाल।: पर्यावरण को नुकसान पहुँचाकर अवैध कमाई करने वाले लकड़ी माफियाओं के खिलाफ शिकारीपाड़ा वन विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर बीते मध्य रात्रि छापेमारी करते हुए सेमल (शिमल) की लकड़ी से लदे एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। इस ट्रैक्टर पर अवैध रूप से काटे गए लकड़ी के 15 बोटे (लॉग्स) लदे हुए थे। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक मौके से भागने में सफल रहा।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग को पहले से ही गुप्त सूचना मिली थी कि माफिया ट्रैक्टर में अवैध लकड़ी लादकर उसकी तस्करी करने की फिराक में हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन विभाग की विशेष टीम ने सरसडंगाल के समीप घेराबंदी की। टीम को देखते ही चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। जब वाहन की तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में सेमल की लकड़ी बरामद हुई, जिसे जब्त कर लिया गया है।
स्थानीय सूत्रों और जांच के मुताबिक, क्षेत्र में लकड़ी माफिया पूरी तरह बेखौफ होकर अवैध कटाई और परिवहन के काले कारोबार में लिप्त हैं। ये माफिया यहाँ के जंगलों से कीमती लकड़ियों की अवैध कटाई करते हैं और फिर उन्हें नियमों को ताक पर रखकर परिवहन करते हुए पश्चिम बंगाल की मंडियों में खपा देते हैं। पश्चिम बंगाल ले जाकर इन लकड़ियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है, जिससे माफिया मोटी कमाई कर रहे हैं।
इस अवैध कारोबार का सबसे गंभीर असर स्थानीय पर्यावरण पर पड़ रहा है। पेड़ों की अंधाधुंध और अवैध कटाई के कारण क्षेत्र के वातावरण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वन विभाग ने इस मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रकिया की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुँचाने वाले तस्करों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का सख्त अभियान जारी रहेगा।