राजु मंडल /रफ्तार मीडिया सवाददाता /गांडेय
उत्क्रमित उच्च विद्यालय, फुलची, गांडेय में शुक्रवार को हिंदी के महान कथाकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर विभिन्न साहित्यिक और शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेमचंद के साहित्य, उनके द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों तथा सामाजिक सरोकारों से गहराई से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों ‘ईदगाह’ और ‘मंत्र’ पर आधारित टेलीफिल्में दिखाई गईं। ‘ईदगाह’ ने बाल मन की संवेदनशीलता और हामिद के निस्वार्थ प्रेम का संदेश दिया, वहीं ‘मंत्र’ ने सेवा, करुणा और मानवता की सच्ची भावना को रेखांकित किया।
इसके बाद चर्चित कहानी ‘कफन’ का पाठ और उस पर एक विशेष परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान समाज की विषमताओं, गरीबी और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर मंथन किया गया।
विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के चित्र बनाकर उनकी जयंती मनाई और उनके महान साहित्यिक योगदान के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सरिता दुबे तथा शिक्षक रविकांत, अब्दुल खालिक, मीना एक्का, बीरेश प्रसाद सिंह, रामकिंकर मिश्रा और अलाउद्दीन अंसारी ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज के दौर में भी सामाजिक न्याय, समानता और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है तथा उतना ही प्रासंगिक है।
संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के हिंदी शिक्षक डॉ. महेश सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।