कुशीनगर – उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ, जिला इकाई कुशीनगर ने AMS ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली और अन्य लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और कैबिनेट मंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशीनगर के माध्यम से अग्रसारित किया गया है।

संघ द्वारा 11 जून 2026 को जारी अनुस्मारक ज्ञापन पत्र संख्या NHM/ज्ञापन/18 में मिशन निदेशक, NHM के 27 मई 2026 के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है, जिसके तहत 15 जून 2026 से AMS एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की गई है।

संघ का कहना है कि AMS आधारित हाजिरी केवल संविदा कर्मियों पर लागू करना भेदभावपूर्ण है, क्योंकि नियमित कर्मचारी उसी कार्यालय में भौतिक पंजिका और बायोमेट्रिक से हाजिरी दर्ज कराते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन, इंटरनेट और नेटवर्क की कमी तथा मार्च 2026 से अब तक 3 माह के मानदेय का भुगतान न होने को भी संघ ने गंभीर समस्या बताया है।

 मुख्य मांगें:
- 27.05.2026 का आदेश तत्काल वापस लिया जाए और AMS आधारित उपस्थिति स्थगित हो।
- 5 वर्ष से अधिक सेवा वाले संविदा कर्मियों के लिए सेवा संरक्षण नीति बने।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार समान कार्य-समान वेतन लागू हो।
- सभी संविदा कर्मियों को न्यूनतम 5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिले।
- मानदेय PFMS से हर माह की 5 तारीख तक मिले।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जून 2026 तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जनपद के सभी NHM संविदा कर्मचारी काम बहिष्कार कर लखनऊ कूच करेंगे।