फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम, 30 जुलाई। हरियाणा सरकार के 'हरित हरियाणा-स्वच्छ हरियाणा' संकल्प को साकार करने की दिशा में गुरुवार को जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी, सोहना में 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खान एवं भू-विज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए पौधारोपण किया और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इस अवसर पर सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा तथा हरियाणा डेयरी विकास निगम के चेयरमैन राम अवतार गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव का सजीव प्रसारण भी देखा गया। 
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने उपस्थितजन को संबोधित करते हुए कहा कि जिला स्तरीय वन महोत्सव का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक गांव और शहर हरित, स्वच्छ तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें शुद्ध वायु, जल और जीवन प्रदान करती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।

पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी आवश्यक

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान पूरे देश में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी उसी प्रकार देखभाल करें, जैसे परिवार के सदस्य की करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है।

हरियाणा में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

विकास एवं पंचायत मंत्री पवार ने बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान हरियाणा में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गुरुग्राम जिले में 3 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1.50 लाख पौधे वन विभाग तथा 1.50 लाख पौधे आम नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऑक्सीजन वन, हर्बल पार्क, तीर्थ स्थलों पर हरित विकास, वन मित्र कार्यक्रम तथा वन्य जीव संरक्षण जैसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हरित क्षेत्र का लगातार विस्तार कर रही है। साथ ही मनरेगा के तहत भी पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

पौधों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहन राशि

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए कई अनूठी पहल की हैं। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहन राशि देने की योजना लागू की गई है, वहीं 75 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले संरक्षित वृक्षों के संरक्षण के लिए उनके मालिकों को प्रतिवर्ष 2,500 रुपये 'वृक्ष पेंशन' भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा हरित विकास का मॉडल बनेगा तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया

वन महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया तथा उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में एडीसी सोनू भट्ट, जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ दिनेश शीनोए, रजिस्ट्रार डॉ धीरेंद्र सिंह, एडमिनिस्ट्रेटर मेजर कार्तिकेय शर्मा, एसडीएम अखिलेश यादव, जिला वन अधिकारी सुरेंद्र दांगी, जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकन , जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नवनीत कौर, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अंशुल, सोहना के फॉरेस्ट रेंज अधिकारी खजान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।