ओमप्रकाश तिवारी/मोतिहारी:गर्मी की छुट्टियों के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने के उद्देश्य से प्रखंड के विद्यालयों में संचालित समर कैंप की जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। विभिन्न विद्यालयों का जायजा लेने के दौरान कई स्थानों पर टोला सेवक अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करते नहीं दिखे।
निरीक्षण के दौरान मिश्री टोला विद्यालय, बोकाने कला मध्य विद्यालय,  तथा मनोरथ क्षेत्र के विद्यालयों में समर कैंप गतिविधियां अपेक्षित रूप से संचालित नहीं मिलीं। कई स्थानों पर टोला सेवकों की अनुपस्थिति के कारण बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती दिखाई दीं।
जानकारी के अनुसार विभागीय निर्देश के तहत समर कैंप के सफल संचालन की जिम्मेदारी संबंधित कर्मियों को सौंपी गई है, ताकि अवकाश के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई जारी रह सके। लेकिन कई विद्यालयों में निर्धारित व्यवस्था धरातल पर कमजोर नजर आई।
हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में व्यवस्था संतोषजनक भी पाई गई। बोकाने एवं नवादा पंचायत की सीमा पर संचालित एक विद्यालय, जिसके प्रधानाध्यापक शैलेश सिंह हैं, वहां समर कैंप का संचालन व्यवस्थित ढंग से होता मिला। उनके नेतृत्व में टोला सेवक निर्धारित समय पर बच्चों के साथ उपस्थित पाए गए और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित होती दिखीं।
वहां उपस्थित बच्चों तथा आसपास के कोचिंग संचालकों ने बताया कि विद्यालय में समर कैंप नियमित रूप से संचालित किया जाता है और पढ़ाई पूरी अनुशासन एवं व्यवस्था के साथ होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और टोला सेवकों की कार्यशैली की सराहना की।
स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों का कहना है कि सरकार द्वारा बच्चों के हित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की नियमित निगरानी आवश्यक है, ताकि इसका लाभ वास्तविक रूप से विद्यार्थियों तक पहुंच सके। साथ ही उन्होंने अच्छे कार्य करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहित करने की भी मांग की।
अब देखना होगा कि प्रखंड शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता है। वहीं अभिभावकों ने समर कैंप के नियमित संचालन सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है