अमित राज /गुमला
गुमला जिला में विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में आम भूमिका निभाने वाले जिला के संवेदक अपनी लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए और सरकार द्वारा नई नीति लागू कर रॉयल्टी का राशि वसूलने के विरोध में समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में जिला के विभिन्न इलाकों से आए संवेदक धरना पर मौजूद थे।सभी लोगों ने एक और में यह मांग किया है कि उनके द्वारा विकास योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का काम तो कर दिया जाता है। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से उनके काम का राशि भुगतान करने में काफी विलंब किया जाता है।जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह उन लोगों ने कहा कि सरकार द्वारा रॉयल्टी के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है सरकार जितना पैसा उन्हें देती है उससे कई गुना रॉयल्टी के नाम पर वसुला जा रहा है। साथ ही साथ कई मिट्टी बालू चिप्स इत्यादि का चालान उपलब्ध नहीं है।तो आखिरकार सरकार को वह भुगतान करें तो कैसे करें जिसके कारण उनका राशि भुगतान लंबित हो जाता है।
संवेदक संघ के अध्यक्ष गुड्डू गुप्ता ने बताया कि उनके द्वारा विकास योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करवाने को लेकर पूरा प्रयास किया जाता है। लेकिन जिस तरह से प्रशासन को सहयोग करना चाहिए वह सहयोग नहीं करता है जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और उन्हें बताया कि बालू का रॉयल्टी उन्हें₹2 प्रति सीएफटी तक मिलता है जबकि उनसे₹10 से अधिक भी रॉयल्टी वसुला जा रहा है जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।साथ ही साथ उन्होंने बताया कि गुमला जिला में रॉयल्टी का चालान उपलब्ध कराने वाला एक दो व्यक्ति ही है जबकि मजबूरी में उन्हें दूसरे राज्यों से चालान मांगना पड़ता है।जिसके कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही संवेदक संघ के सचिव पंकज कुमार सिंह ने बताया कि उन लोगों की भागीदारी ना केवल विकास कार्यों में होती है बल्कि उनके माध्यम से कई परिवारों का रोजगार भी चलता है।ऐसे में अगर समय पर राशि का भुगतान नहीं होता है तो उन मजदूरों को भी वह पैसा नहीं दे पाते हैं। जिसके कारण उनका परिवार दाने दाने को मोहताज हो जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व उन लोगों के द्वारा ACA फंड का राशि के आधार पर कई विकास योजनाओं का काम पूरा करवाया गया। लेकिन अब तक उसका राशि नहीं मिल पाने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन तमाम चीजों को लेकर जिला प्रशासन के पदाधिकारी के साथ ही साथ राज्य स्तर के पदाधिकारी को भी इन बातों से अवगत कराया गया है। लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। वहीं जिला के संवेदक सूचित पांडे की माने तो सरकार के द्वारा ही जब उन्हें रॉयल्टी की राशि की आवाज में काफी कम पैसा भुगतान किया जाता है।तो आखिरकार उससे कई गुना अधिक राशि वह कैसे जमा कर पाएंगे ऐसे में सरकार के व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा होता है। जिसके कारण उनका पेमेंट भुगतान भी प्रभावित हो रहा है।अगर सरकार सही तरीके से जितना राशि वह उपलब्ध कराती है। उसी अनुपात में अगर रॉयल्टी लिया जाए तो उन्हें देने में कोई दिक्कत नहीं होगी। लेकिन कई गुना अधिक रॉयल्टी जब लिया जाएगा तो उससे उनका पूरा कार्य प्रभावित होता है। ऐसे में सरकार और प्रशासन अगर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लगी तो मजबूरी में वह विकास योजनाओं को पूरी तरह से तप कर देंगे।जिस की जिला की विकास की गति पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।
वही संवेदक संघ के सदस्यों के द्वारा अपनी मांगों का मांग पत्र जिला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो को दिया गया और उनसे भी कई मुद्दों को लेकर संवेदक संघ के सदस्यों ने बातचीत की डीसी दिलेश्वर महतो ने भी कहा है कि उनकी मांगों को लेकर वह गंभीरता से विचार करेंगे और जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर सही नियमों के अनुसार किया जा सकता है उसका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा और जो राज्य स्तर की समस्या है उसे राज्य के पास भेज कर विचार करने का आग्रह किया जा सकता है।