ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे (Eastern Peripheral Highway) पर सोमवार सुबह घने कोहरे (dense fog) की वजह से एक भीषण सड़क हादसा हो गया. इस हादसे में करीब 12 वाहन (vehicles) आपस में टकरा गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल (hospital) में भर्ती कराया गया.
यह हादसा दनकौर थाना क्षेत्र (Dankaur police station area) में हुआ. पुलिस के मुताबिक, पलवल (Palwal) से ग्रेटर नोएडा की ओर आ रहे वाहनों को अचानक कोहरे की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं दिया, जिससे एक के बाद एक कई गाड़ियां टकरा गईं. हादसे के बाद हाईवे पर जाम (traffic jam) लग गया, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर धीरे-धीरे खुलवाया.
लगातार तीसरे दिन कोहरे का असर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा (heavy fog) छाया हुआ है. सोमवार सुबह तो हालात ऐसे थे कि सड़कों पर विज़िबिलिटी (visibility) बेहद कम हो गई थी. इसका सीधा असर यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) और आसपास के हाईवे पर देखने को मिला.
गौरतलब है कि इससे पहले शनिवार और रविवार को भी इसी ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर सड़क हादसे (road accidents) हो चुके हैं, जहां कई वाहन आपस में टकरा गए थे.
Convoy System से निकाले जा रहे वाहन
यात्री सुरक्षा (passenger safety) को ध्यान में रखते हुए नोएडा ट्रैफिक पुलिस (Noida Traffic Police) ने एक खास व्यवस्था लागू की है. ग्रेटर नोएडा के जीरो पॉइंट (Zero Point) से यमुना एक्सप्रेसवे की ओर वाहनों को कॉन्वॉय सिस्टम (convoy system) के तहत निकाला जा रहा है.
पुलिस और ट्रैफिक विभाग की टीमें जीरो पॉइंट पर तैनात हैं और माइक के जरिए लगातार अनाउंसमेंट (announcement) कर वाहन चालकों को सतर्क किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, एक बार में 10 से 15 गाड़ियों के काफिले को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जीरो विज़िबिलिटी (zero visibility) में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.
Speed Limit भी कम
कोहरे की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यमुना एक्सप्रेसवे के साथ-साथ नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (Noida–Greater Noida Expressway) और एलिवेटेड रोड (Elevated Road) पर भी स्पीड लिमिट (speed limit) कम कर दी है. यह नई स्पीड लिमिट 15 फरवरी तक लागू रहेगी.
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल काफिले में गाड़ियों को निकालने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, ताकि घने कोहरे और खराब विज़िबिलिटी की वजह से किसी बड़े हादसे (major accident) की आशंका को पूरी तरह टाला जा सके.
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