नई दिल्ली— नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर कनॉट प्लेस में आभार एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. यह समारोह नेत्र कुंभ 2025 की सफलता में योगदान देने वाले दानदाताओं चिकित्सको स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों संस्थाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उदेश्य से आयोजित किया गया था प्रतीक है। हमें नई पीढ़ी को इस सेवा से जोड़ने की आवश्यकता है।

इस समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज का दिव्य सानिंध्य प्राप्त हुआ. उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि दृष्टि का दान सबसे श्रेष्ट दान है क्योंकि यह व्यक्ति को केवल प्रकाश नहीं बल्कि नई सोच और नई दिशा भी देता है. नेत्र कुंभ एक आध्यात्मिक सेवा है जो मानव जीवन को सार्थक बनाती है.

वहीँ समारोह के मुख्य अतिथि रहे माननीय डॉ कृष्ण गोपाल सह सरकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिन्होंने नेत्र कुंभ को आध्यत्मिक और सामजिक पुनर्जागरण का अद्भुत संगम बताया और इस महायज्ञ में सहयोग देने वाले सभी विभूतियों को ह्रदय से शुभकामनाएं दी.

विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे  प्रवीणभाई वसानी प्रबंधन्यासी रणछोड़दास बापूजी चैरिटेबल आई हॉस्पिटल राजकोट ने सेवा और दृष्टि मिशन की इस यात्रा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

इस समारोह की अध्यक्षता  प्रो. अजय सिंह पवार राष्ट्रीय अध्यक्ष सक्षम ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा: नेत्र कुंभ केवल एक चिकित्सा अभियान नहीं बल्कि यह समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला जागरण है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इस महान कार्य का हिस्सा बनने का अवसर मिला।

समारोह के विशेष अवसर पर अतिथियों के द्वारा नेत्र कुंभ स्मृति पुस्तकिका का विमोचन भी किया गया जिसमें नेत्र कुंभ के विभिन्न चरणों योगदानकर्ताओं और भावनात्मक प्रसंगों का संकलन किया गया है।

इस अवसर पर  सुरेश चंद्र (मेवाड़) द्वारा लोकदेवता बाबा रामदेवरा नेत्र कुंभ की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई जिसमें राजस्थान के जन-जन तक दृष्टि सेवा पहुँचाने की प्रेरणा सामने आई।

कार्यक्रम में नेत्र कुंभ के प्रमुख दानदाताओं चिकित्सकों संगठनों एवं प्रशासनिक सहयोगकर्ताओं का भव्य सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। उन्हें प्रतीक चिह्न प्रशस्ति पत्र और पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया।

समारोह का समापन सभी सहयोगी जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक प्रेरणादायी वातावरण में हुआ जिसमें सभी ने नेत्र कुंभ जैसे सेवा मिशन को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।