पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: एसआईआर (SIR) की समयसीमा बढ़ सकती है
पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव 2026 (Assembly Elections 2026) से पहले राज्य में चल रही एसआईआर (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया 14 फरवरी (14 Feb) के बाद भी जारी रह सकती है। चुनाव आयोग (Election Commission – EC) ने इसके संकेत (indications) दिये हैं। एक अधिकारी (official) ने बताया कि एसआईआर की समय सीमा (deadline) बढ़ाने पर आयोग विचार (considering) कर रहा है। फाइनल इलेक्टोरल रोल (final electoral roll) की पब्लिकेशन तारीख भी आगे बढ़ सकती है।
एसआईआर पर अंतिम फैसला नहीं
चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जो गाइडलाइंस (guidelines) जारी की हैं, उन्हें लागू करना जरूरी है। अगर गाइडलाइन के अनुसार काम किया गया, तो समय (time) पूरा नहीं हो पाएगा। इसलिए डेडलाइन (deadline) बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, अभी कोई अंतिम फैसला (final decision) नहीं हुआ है।
समय सीमा बढ़ने की संभावना
आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों (orders) का पालन करने में ज्यादा समय लगेगा। पहले ऑब्जेक्शंस (objections) की सुनवाई (hearing) की अंतिम तारीख 7 फरवरी (7 Feb) और फाइनल ड्राफ्ट रोल (final draft roll) की पब्लिकेशन 14 फरवरी थी।
टीएमसी के आरोप (TMC Allegations)
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी (irregularities) और ट्रांसपेरेंसी (transparency) की कमी का आरोप लगाया था। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका (petition) दाखिल की और प्रक्रिया पर रोक (stay) लगाने की मांग की। कोर्ट ने चुनाव आयोग, बंगाल सरकार और डीजीपी (DG of Police) को निर्देश (directions) दिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश (Supreme Court Orders)
1.25 करोड़ वोटर्स (voters) की लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (logical discrepancies) वाली लिस्ट पब्लिश की जाए।
वोटर्स (voters) को डॉक्यूमेंट (document) जमा करने पर रिसीविंग (receipts) दी जाए।
बंगाल सरकार एसआईआर सेंटर्स (SIR centers) पर कर्मचारी (staff) उपलब्ध कराये।
डीजीपी एसआईआर सेंटर्स पर सुरक्षा (security) सुनिश्चित करें।
सुनवाई की तिथियां (Hearing Dates)
वोटर लिस्ट (voter list) का ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर (16 Dec) को प्रकाशित हुआ। आपत्तियों (objections) और दावे (claims) की डेडलाइन 15 जनवरी (15 Jan) थी, बाद में बढ़ाकर 19 जनवरी कर दी गई। सुनवाई 7 फरवरी तक होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर काम की समीक्षा (review) के बाद तय होगा कि 14 फरवरी को फाइनल रोल जारी होगा या नहीं।
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