रांची/डेस्क:  दुनिया में फिलहाल सिर्फ तीन देश—अमेरिका रूस और चीन—के पास 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट हैं। अब भारत भी इस खास और ताकतवर क्लब में शामिल होने की तैयारी में है। भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए तैयार हो रहा AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) प्रोजेक्ट देश की रक्षा क्षमता को एक नया मुकाम देगा।

5वीं पीढ़ी के जेट क्या खास होते हैं?
5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट सबसे ज़्यादा एडवांस्ड होते हैं। ये रडार से बच सकते हैं बिना आफ्टरबर्नर के तेज़ उड़ सकते हैं और अंदरूनी हथियारों के साथ बहुमुखी युद्ध कर सकते हैं। इनके पास शक्तिशाली सेंसर और कंप्यूटर सिस्टम होते हैं जो पायलट को युद्ध क्षेत्र की पूरी जानकारी देते हैं।

AMCA: भारत का अपना स्टील्थ फाइटर
भारत का AMCA 25 टन वजन का दो इंजन वाला जेट होगा। इसे ADA और HAL मिलकर बना रहे हैं। मार्क 1 वैरिएंट अमेरिकी GE इंजन से चलेगा जबकि मार्क 2 में भारत का खुद का इंजन और 6वीं पीढ़ी की कुछ नई तकनीकें होंगी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स।

क्यों ज़रूरी है AMCA?
चीन ने J-20 स्टील्थ जेट भारत की सीमा पर तैनात किए हैं।

पाकिस्तान भी जल्द ही चीन से J-35A फाइटर खरीदने वाला है।

भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए AMCA के 7 स्क्वाड्रन (126 जेट) ज़रूरी हैं।

आत्मनिर्भर भारत के तहत यह प्रोजेक्ट देश की रक्षा तकनीक और उद्योग को मजबूती देगा।

कब मिलेगा AMCA?
AMCA का प्रोटोटाइप 2028 तक तैयार होगा जबकि बड़े पैमाने पर उत्पादन 2035 तक शुरू होने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे मंजूरी दे दी है और एयरो इंडिया 2025 में इसका पहला प्रोटोटाइप दिखाया गया जिसने खूब तारीफ बटोरी।

दुनिया के बाकी 5वीं पीढ़ी के फाइटर
अमेरिका का F-22 रैप्टर रूस का सुखोई सू-57 और चीन का चेंगदू J-20 पहले से ही इस क्षेत्र में हैं। AMCA के शामिल होने से भारत भी इन महाशक्तियों के साथ कदम से कदम मिलाएगा।