दशहरे के दिन पूरे भारत में रावण के पुतले जलाए जाते हैं, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं। लेकिन भारत ही ऐसा देश नहीं है, जहाँ नकारात्मक शक्तियों के प्रतीक के पुतलों का दहन किया जाता है। दुनिया के कई देशों में यह परंपरा अलग-अलग रूप में मनाई जाती है।
दुनिया के कुछ प्रमुख पुतले दहन त्यौहार:
गाई फॉक्स नाइट (यूके)
हर साल 5 नवंबर को गाई फॉक्स के पुतले जलाए जाते हैं। 1605 में गाई फॉक्स ने ब्रिटेन की संसद को उड़ा देने की साजिश की थी, जो असफल रही। इस दिन लोग आतिशबाजी और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
लास फालास (वलेन्सिया, स्पेन)
1 से 19 मार्च तक मनाया जाने वाला यह त्योहार बसंत के आगमन का प्रतीक है। शहर में पेपर मैशे के पुतले (निनॉट्स) घुमाए जाते हैं और रोज आतिशबाजी होती है। 19 मार्च को ला क्रेमा में सभी पुतले जलाए जाते हैं। यह यूनेस्को मान्यता प्राप्त उत्सव है।
बर्निंग ऑफ विच ऑफ विंटर (स्लाविक देश)
पोलैंड, चेक रिपब्लिक और अन्य स्लाविक देशों में 30 अप्रैल को सर्दियों और मृत्यु की देवी मार्जाना के पुतले जलाए जाते हैं। यह वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
बर्निंग ऑफ द डेविल (ग्वाटेमाला)
7 दिसंबर को क्रिसमस सीजन की शुरुआत में नकारात्मक ऊर्जा भगाने के लिए डेविल के पुतले जलाए जाते हैं। इसके साथ परेड, आतिशबाजी और भोज का आयोजन होता है।
बर्निंग ऑफ जोजोब्रा (न्यू मेक्सिको, यूएसए)
सांता फे में लेबर डे वीकेंड के शुक्रवार को 50 फुट का जोजोब्रा राक्षस पुतला जलाया जाता है। लोग अपनी चिंताओं को कागज पर लिखकर पुतले में डालते हैं और उसे जलाते हैं। इसकी शुरुआत 1924 में आर्टिस्ट विलियम शस्टर ने प्राइवेट पार्टी में की थी।
बर्निंग ऑफ ओल्ड ईयर (इक्वाडोर)
न्यू ईयर ईव पर बीते साल की याद में आनो विएजो पुतले जलाए जाते हैं। इनमें नेताओं, सेलेब्रिटी या काल्पनिक चरित्रों के चेहरे बनाए जाते हैं और इसे नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
बर्निंग मैन (यूएसए)
नेवादा रेगिस्तान में लेबर डे ईव को ‘द मैन’ नामक लकड़ी के पुतले का दहन होता है। एक हफ्ते चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत 1986 में हुई थी। यह जीवन की अस्थायिता का प्रतीक है।
बर्निंग ऑफ जुडास (लैटिन अमेरिका और यूरोप)
यूरोप में गुड फ्राइडे और ईस्टर के दौरान जुडास इस्करियोती के पुतले जलाए जाते हैं। लैटिन अमेरिका में न्यू ईयर ईव पर पिछले साल की नकारात्मकता को दूर करने के लिए यह परंपरा अपनाई जाती है।