पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है लेकिन इस बार चुनावी सभाओं से नहीं बल्कि सड़कों पर लगे विवादित पोस्टरों से। पटना के प्रमुख चौराहों और सरकारी इमारतों के आसपास दो अलग-अलग पोस्टरों ने सियासी भूचाल ला दिया है। दोनों पोस्टरों में किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम नहीं है लेकिन उनका संदेश सीधा और तीखा है — एक आरजेडी (राजद) पर तो दूसरा एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) पर निशाना साधता है।
पहला पोस्टर: लालू-तेजस्वी पर निशाना
वीरचंद पटेल पथ और इनकम टैक्स गोलंबर पर लगे पोस्टरों में से एक पर लिखा है:
मेरा बाप चारा चोर... मुझे वोट दो।
इस पोस्टर में एक भैंस पर दो लोगों की तस्वीर चस्पा है जो प्रतीकात्मक रूप से लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव जैसे लगते हैं। पोस्टर पर किसी संगठन का नाम नहीं है लेकिन इसके पीछे बीजेपी या एनडीए समर्थकों की भूमिका मानी जा रही है। यह पोस्टर चारा घोटाले की याद दिलाकर आरजेडी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरा पोस्टर: एनडीए पर ‘दामाद सेवा’ का तत्पर
जवाब में दूसरा पोस्टर सामने आया है जिसमें तंज कसते हुए लिखा गया है:
पुण्य किये सेवा किये तीर्थ किये हजार दामाद सेवा न किया तो ये सब है बेकार। एनडीए सरकार ‘दामाद सेवा’ में सदैव तत्पर।
इसमें केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के साथ उनके दामादों की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टर पर लिखा है:
: नेशनल दामाद आयोग (NDA)
यह नाम एक व्यंग्यात्मक शब्द रचना है जिससे एनडीए सरकार पर परिवारवाद और संबंध आधारित राजनीति के आरोप लगाए गए हैं।
सियासी हलचल और प्रतिक्रियाएं
हालांकि अभी तक इन पोस्टरों को लेकर किसी भी दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे “गुप्त प्रचार युद्ध” के तौर पर देखा जा रहा है।