सरायकेला नगर पंचायत चुनाव: ‘आंसुओं’ की एंट्री से गरमाई सियासत, भावनात्मक कार्ड बना नया हथियार
सरायकेला:सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और भावनात्मक अपीलों का दौर तेज हो गया है। चुनावी जंग में अब “इमोशनल कार्ड” भी खुलकर खेला जा रहा है।नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार और सरायकेला विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि सनत कुमार आचार्य ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान फोटो की राजनीति को मुद्दा बनाते हुए भावुक अपील की। उन्होंने बिना किसी प्रत्याशी का नाम लिए कहा कि अपने चुनावी पोस्टर में उन्होंने अपने दिवंगत पिता की तस्वीर लगाई है, जिससे कुछ विरोधियों को “मिर्ची” लग गई है और वे इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं। आचार्य ने आरोप लगाया कि विरोधी गंदी राजनीति पर उतर आए हैं और निजी भावनाओं को भी चुनावी हथियार बना रहे हैं।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनावों में इस तरह की भावनात्मक रणनीति नई नहीं है। इससे पहले मानगो नगर निगम चुनाव में भी इसी तरह का भावनात्मक माहौल देखने को मिला था, जहां व्यक्तिगत छवियों और पारिवारिक संदर्भों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाया गया था।जैसे-जैसे मतदान की तिथि करीब आ रही है, प्रत्याशी एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। मुद्दों की जगह भावनात्मक बयानबाजी और पोस्टर राजनीति ने चुनावी चर्चा को नया रंग दे दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता विकास और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं या भावनात्मक अपीलों से प्रभावित होते हैं।फिलहाल सरायकेला की सियासत में “आंसू” भी एक चुनावी हथियार बन चुका है।
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