दीनबंधु राउत / रफ्तार मीडिया संवाददाता जामताड़ा।
जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक परिस्थितियों की सीमाओं से मुक्त कर बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की पहल ‘प्रोजेक्ट प्रज्ञान’ के तहत ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं। 28 सितंबर से जेबीसी जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, जामताड़ा में प्रत्येक कार्यदिवस अपराह्न 4 बजे से शाम 6 बजे तक विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।डीएमएफटी योजना के तहत संचालित इस परियोजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़े। उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रज्ञान केवल शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को पंख देने की पहल है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जामताड़ा के ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान बच्चे भी बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त कर आईआईटी और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर डॉक्टर एवं इंजीनियर बनने का सपना पूरा करें।बताया गया कि परियोजना के तहत 15 सितंबर को चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें जिले के आठ विद्यालयों के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के कुल 255 विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा चार श्रेणियों में हुई। परिणाम के आधार पर कक्षा 11 जेईई, कक्षा 12 जेईई, कक्षा 11 नीट और कक्षा 12 नीट से 25-25 विद्यार्थियों का चयन किया गया। इस प्रकार कुल 100 विद्यार्थियों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।