रांची/ नामकुम : टाटीसिलवे स्थित उषा मार्टिन कारखाना के आसपास के 18 गांवों में शिक्षा, संस्कृति और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उषा मार्टिन फाउंडेशन की ओर से आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है। फाउंडेशन ने 12 गांवों में पुस्तकालय, वाचनालय, सामुदायिक अखड़ा व चबूतरा निर्माण सहित स्कूलों की मरम्मत और अन्य सुविधाओं का विकास कराया है। फाउंडेशन के हेड डॉ. मयंक मुरारी ने बताया कि पुस्तकालय और अखड़ा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व संस्कृति के विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार करना लक्ष्य है। ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत टाटी पूर्वी, मासू, हेसल जरा, बड़कुंभा, महिलौंग और आरा पंचायत में पुस्तकालय सह वाचनालय का जीर्णोद्धार कराया गया है। वहीं उलातू गांव के भुवाल टोली, लालगंज, सिलवई पंचायत, जानुम, मासू और टाटी पूर्वी पंचायत में सामुदायिक अखड़ा सह चबूतरा का निर्माण कराया गया।वाचनालयों में छोटे बच्चों के लिए किताबें, खिलौने और खेलने की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। साथ ही शुद्ध पेयजल के लिए जलमीनार की मरम्मत कर उसे सौर ऊर्जा से संचालित किया गया है।महिलौंग मध्य विद्यालय के जर्जर मीटिंग हॉल की मरम्मत के साथ प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है।छात्राओं के लिए शौचालय का निर्माण कराया गया। उलातू में सामुदायिक भवन व चहारदीवारी का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया गया। इस वित्तीय वर्ष में टाटी में सामुदायिक भवन और चबूतरा भी बनाया गया है।फाउंडेशन की ओर से पिछले वर्ष उलातू, टाटी और मासू के विद्यालयों में मरम्मत कार्य कराया गया था। वहीं मासू, उलातू, टाटी पूर्वी, टाटी पश्चिम, महिलौंग, होरहाप, हरातू और सिलवई में पेयजल व्यवस्था के लिए जलमीनार की टंकियां बदली गईं तथा सोलर पैनल और प्लंबिंग सिस्टम लगाए गए हैं।इससे करीब 800 परिवारों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने की बात कही गई है। कई स्थानों पर स्नानघर भी बनाए गए हैं। लाइब्रेरी से बढ़ी पढ़ने की आदत : वीणा देवी
नामकुम प्रखंड की उपप्रमुख वीणा देवी ने कहा कि रीडिंग हैबिट विकसित करने में पुस्तकालय की अहम भूमिका है। उषा मार्टिन फाउंडेशन द्वारा गांवों के स्कूलों में पुस्तकालयों को पुनर्जीवित करने से बच्चों व ग्रामीणों में पढ़ने के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।सीएसआर कोऑर्डिनेटर वरुण कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष 15 स्कूलों में चार हजार से अधिक बच्चों के बीच किताबों का वितरण कराया गया था। इस वर्ष पुस्तकालय को केंद्र में रखकर लोगों को शिक्षा से जोड़ने का कार्यक्रम चलाया जाएगा।