बिहार के मधुबनी ज़िले के महेशपुरा गाँव का रहने वाला 15 साल का राम शंकर कुशवाहा घर से निकलने के लिए ट्रेन में बैठने के बाद लापता हो गया था। परिवार ने 21 साल तक उसे बहुत ढूँढा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आख़िरकार, वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बेघर और लापता लोगों के लिए बने एक शेल्टर होम में मिला। जन्माष्टमी के दिन उसके बड़े भाई ललित ने शेल्टर होम में रहने वाले लोगों का एक वीडियो फ़ेसबुक पर शेयर किया, जिसे देखकर उसकी माँ ने उसे पहचान लिया और भावुक होकर कहा, “ये तो मेरा शंकरवा है।”


फेसबुक वीडियो से हुई पहचान, 21 साल बाद घर लौटा बेटा

वीडियो देखने के बाद परिवार ने ग्वालियर पुलिस से संपर्क किया, जिन्होंने राम शंकर की पहचान की पुष्टि की; 7 सितंबर को उन्हें उनके परिवार से मिलाया गया। 21 साल बाद अपने बेटे को गले लगाते ही उनकी माँ की आँखों में आँसू आ गए, जबकि गाँव वालों ने भी उनका ज़ोरदार स्वागत किया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बन गया। यह मामला सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव का एक उदाहरण बन गया है, क्योंकि पुलिस द्वारा शेयर किए गए एक फ़ेसबुक वीडियो ने दो दशक बाद बेटे को उसके परिवार से मिलाने में अहम भूमिका निभाई।