दुमका जिले के मसलिया प्रखंड अंतर्गत शुग्गापहाड़ी पंचायत के हरिपुर पहाड़िया टोला में बुनियादी सुविधाओं और जागरूकता की कमी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां आदिम जनजाति समुदाय के लगभग 65 घरों में पिछले तीन महीनों से बिजली गुल है और पूरा गांव अंधेरे में डूबने को मजबूर है।ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन महीने पूर्व वज्रपात के कारण गांव के प्रधान के घर के पास लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर जल गया था। इसके बाद से ही पूरे टोले की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मामले में जागरूकता की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर बदलवाने की सरकारी प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं थी।गांव के ओमप्रकाश गृही, मणिलाल आहारी, राजीव गिरी और जितेंद्र गिरी ने बताया कि उन्हें इस बात का ज्ञान नहीं था कि ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए विभाग में लिखित आवेदन देना होता है। स्थानीय निजी बिजली मिस्त्री बिरेन पाल द्वारा ट्रांसफार्मर जलने की पुष्टि किए जाने के काफी समय बाद, ग्रामीणों ने लगभग दो महीने बीत जाने पर प्रखंड प्रमुख वासुदेव टुडू को आवेदन सौंपा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लाइनमैन रामपद रजक ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हो चुका है और विभागीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र कदम उठाकर आदिम जनजाति के इन परिवारों को जल्द राहत दिलाएगा।