रफ्तार संवाददाता रंजीत पालकोट। पालकोट प्रखंड के करौंदाबेड़ा पल्ली में तीन शहीद धर्मपुरोहितों फादर लोरेन्श कुजूर, फादर जोसेफ डुंगडुंग एवं ब्रदर अमर अनूप इंदवार की 32वीं पुण्यतिथि बुधवार को श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाई गई। समारोह में बड़ी संख्या में मसीही धर्मावलंबी एवं श्रद्धालु शामिल हुए और तीनों शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की।समारोह के मुख्य अनुष्ठाता रांची महाधर्मप्रांत के सहायक धर्माध्यक्ष आनन्द डेविड खलखो ने अपने संदेश में कहा कि जन्म और मृत्यु मनुष्य के हाथ में नहीं है, यह ईश्वर के हाथ में है, लेकिन जीवन में सही चुनाव करना और अच्छे कर्म करना हमारे हाथ में है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सही समय पर सही कार्य करते हुए अपना जीवन प्रभु को समर्पित करना चाहिए और मानव सेवा के लिए आगे बढ़ना चाहिए।उन्होंने करौंदाबेड़ा के तीनों शहीदों के जीवन और बलिदान को याद करते हुए कहा कि फादर लोरेन्श कुजूर, फादर जोसेफ डुंगडुंग और ब्रदर अमर अनूप इंदवार ने समाज एवं प्रभु की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।धर्माध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार गेहूं का एक दाना मिट्टी में गिरकर अनेक नए दानों को जन्म देता है, उसी प्रकार तीनों शहीदों का बलिदान भी समाज में विश्वास, सेवा और मानवता के अनेक बीज पैदा कर रहा है। उनके विचार और बलिदान आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।शहीदों के माता-पिता को बताया धन्य आनन्द डेविड खलखो ने तीनों शहीदों के माता-पिता को धन्य बताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे पुत्रों को जन्म दिया, जिन्होंने प्रभु और समाज की सेवा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आज हजारों लोगों का करौंदाबेड़ा में एकत्र होकर शहीदों के नाम पर प्रार्थना करना इस बात का प्रमाण है कि उनका जीवन और संदेश आज भी लोगों को प्रेरित कर रहा है।बाइबल जुलूस के बाद हुई मिस्सा पूजा पुण्यतिथि समारोह से पूर्व श्रद्धालुओं ने बाइबल जुलूस निकाला। इसके बाद विधि-विधान के साथ मिस्सा पूजा संपन्न हुई। झंडा तोलन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। सिमडेगा धर्मप्रांत के विंसेंट बरवा तथा गुमला धर्मप्रांत के धर्मगुरु लीनुस पिंगल एक्का ने भी श्रद्धालुओं को प्रभु यीशु के संदेशों से अवगत कराया।उन्होंने प्रेम, सेवा, त्याग, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।समारोह के दौरान तीनों शहीदों की आत्मा की शांति एवं उनके परिवारों के लिए विशेष प्रार्थना की गई।विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने शहीद स्मारक एवं पुण्यस्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सेवा और त्याग के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।जनप्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
समारोह में सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा, उनकी धर्मपत्नी जोसिमा खाखा, सांसद प्रतिनिधि बसंत गुप्ता, रोहित एक्का, सत्यनारायण केसरी, ज्योति एक्का, सुषमा केरकेट्टा, जसिंता मिंज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। करौंदाबेड़ा पल्ली के फादर जेफ्रीन, फादर विलियम मिंज सहित अन्य धर्मगुरु एवं बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग भी समारोह में शामिल हुए।