बिहार के वैशाली जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। युवक की मौत के बाद उसके रिश्तेदारों को एम्बुलेंस या शव वाहन नहीं मिल सका इसलिए उन्हें उस शव को एक गाड़ी से ले जाना पड़ा जिसका इस्तेमाल युवक को अस्पताल ले जाने के लिए किया जाता था। इस घटना का वीडियो ऑनलाइन अपलोड होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
यह घटना ललगंज थाना क्षेत्र के कासरा टोला वार्ड-6 में हुई है। मृतक का नाम 31 वर्षीय मोनू कुमार है।जैसा की उसके रिश्तेदारों के अनुसार मोनू अपने घर के पास एक पानी से भरे खाई में गिर गया था।दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद उसे गंभीर हालत में ललगंज रेफ़रल हॉस्पिटल ले जाया गया।
क्योंकि शव का पता नहीं चल पाया था इसलिए उसे एक गाड़ी से ले जाना पड़ा।कुछ रिश्तेदारों का कहना है की सरकार द्वारा शव को अस्पताल से ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं किया गया था। लंबे समय के बाद भी उन्हें आखिरकार उसी गाड़ी से शव को अपने घर ले जाना पड़ा जिससे मोनू को अस्पताल लाया गया था।
अब सोशल मीडिया पर इस वीडियो के शेयर होने के बाद इस जगह की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कुछ सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोग मानते हैं की कम से कम शव को अस्पताल से ले जाने के लिए कोई परिवहन सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
इस पूरे मामले का सामना करने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे खड़े लोगों के खिलाफ जांच और कार्यवाही की मांग की जा रही है। अब तक अस्पताल के अधिकारियों ने इस पूरे मुद्दे के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सरकार ने सरकारी अस्पतालों में रोगियों और उनके रिश्तेदारों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने पर जोर दिया है।