परसौनीकपूर | ओमप्रकाश तिवारी
परसौनीकपूर पंचायत के वार्ड संख्या चार एवं पांच में नवरात्रि पर्व को लेकर मां भगवती दरबार जाने वाली सड़क की सफाई का कार्य शुरू कराया गया है। नवरात्रि व्रत एवं पूजा-अर्चना को देखते हुए ग्रामीणों ने मां भगवती दरबार तक पहुंचने वाले रास्ते की बदहाल स्थिति की ओर पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय कुमार सिंह एवं पूर्व मुखिया अनिल कुमार का ध्यान आकृष्ट कराया था। ग्रामीणों के अनुरोध पर दोनों की पहल से सड़क की सफाई का कार्य शुरू कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते का साफ-सुथरा एवं सुगम होना आवश्यक है। पिछले कुछ समय से सड़क पर जलजमाव, गंदगी एवं दुर्गंध के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर सुबह एवं शाम के समय पूजा के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाई होती थी। रास्ते की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल सफाई की आवश्यकता जताई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के कई हिस्सों में जलजमाव रहने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था। बरसात के बाद जमा पानी और उसके आसपास फैली गंदगी से वातावरण प्रभावित हो रहा था। स्थानीय लोगों को आशंका थी कि लंबे समय तक जलजमाव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ सकता है तथा बीमारी फैलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नवरात्रि शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए ग्रामीण चाहते थे कि पूजा स्थल तक जाने वाले मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर साफ कराया जाए।
ग्रामीणों के अनुरोध पर पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय कुमार सिंह एवं पूर्व मुखिया अनिल कुमार ने मौके की स्थिति को देखते हुए सफाई कार्य शुरू कराने की पहल की। सफाई शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण यह रास्ता केवल एक सामान्य आवागमन का मार्ग नहीं है, बल्कि आसपास के लोगों की धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ है। नवरात्रि के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि गांव में जनसमस्याएं कई स्तरों पर होती हैं। कुछ समस्याओं का समाधान प्रशासनिक स्तर पर होना आवश्यक है, जबकि कुछ मामलों में तत्काल पहल कर राहत दी जा सकती है। मां भगवती दरबार जाने वाली सड़क की सफाई का कार्य इसी तरह की तत्काल आवश्यकता से जुड़ा था। ग्रामीणों के अनुसार, समय पर ध्यान दिए जाने से श्रद्धालुओं को नवरात्रि के दौरान रास्ते की परेशानी से राहत मिल सकती है।
पूर्व मुखिया अनिल कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में वे मुखिया के पद पर नहीं हैं, लेकिन गांव के लोगों से उनका जुड़ाव बना हुआ है। ग्रामीणों की ओर से जब मां भगवती दरबार जाने वाले रास्ते की समस्या उनके सामने रखी गई तो उन्होंने इसे प्राथमिकता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल तक जाने वाले रास्ते को लेकर ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए सफाई कार्य शुरू कराने की पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का कार्य केवल पद पर रहते हुए ही नहीं, बल्कि समाज के बीच रहकर लोगों की समस्याओं को समझना भी है। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भी सार्वजनिक स्थलों तथा जरूरत वाले स्थानों पर सड़क एवं ढलाई सहित विभिन्न कार्य कराए गए थे। उनका कहना था कि गांव में जो भी सार्वजनिक समस्या सामने आती है, उसके समाधान के लिए उपलब्ध स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिए।
अनिल कुमार ने कहा कि वर्तमान में जो कार्य अधूरे हैं या जिनके लिए ग्रामीणों की मांग सामने आती है, उन्हें संबंधित स्तर तक पहुंचाने और यथासंभव समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ग्रामीण उन्हें फिर से सेवा का अवसर देते हैं तो क्षेत्र में अधूरे कार्यों को पूरा कराने तथा लोगों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रहेगा।
पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय कुमार सिंह की पहल को लेकर भी ग्रामीणों ने कहा कि नवरात्रि के समय सड़क की सफाई की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने लोगों की बात सुनी और कार्य शुरू कराने में सहयोग किया। ग्रामीणों का कहना है कि पर्व-त्योहार के समय रास्ते, बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं बेहतर रहना जरूरी है। धार्मिक स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग की सफाई इसी व्यवस्था का एक हिस्सा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मां भगवती दरबार में नवरात्रि के दौरान आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु परिवार सहित पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को जलजमाव वाले रास्ते से गुजरने में अधिक परेशानी होती है। ऐसे में सड़क की सफाई शुरू होने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि केवल नवरात्रि के अवसर पर सफाई कराना पर्याप्त नहीं होगा। यदि जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बारिश के मौसम में फिर वही स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क की नियमित सफाई के साथ जलनिकासी की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी ध्यान देने की जरूरत है।
ग्रामीणों के अनुसार परसौनीकपूर पंचायत के वार्ड संख्या चार एवं पांच में कई स्थानों पर सड़क और जलनिकासी से संबंधित समस्याएं बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि गांव के विकास के लिए केवल एक-दो स्थानों पर काम होने से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होती। सड़क, नाला, जलनिकासी, साफ-सफाई और सार्वजनिक स्थलों की व्यवस्था को एक साथ बेहतर किए जाने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने विशेष रूप से मस्जिद से लेकर परसौनी चौक होते हुए पोखर तक जाने वाली सड़क की स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि इस मार्ग से भी बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की स्थिति काफी खराब है। कहीं-कहीं रास्ते पर गड्ढे और जलजमाव की समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों ने संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं सरकारी अधिकारियों से इस मार्ग का भी निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की समस्याएं किसी एक समुदाय या वर्ग की समस्या नहीं हैं। जिस तरह मां भगवती दरबार जाने वाले मार्ग की सफाई जरूरी है, उसी तरह मस्जिद, चौक, पोखर और अन्य सार्वजनिक स्थलों तक जाने वाले रास्तों की स्थिति भी बेहतर होनी चाहिए। ग्रामीणों ने सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को सामूहिक आवश्यकता बताते हुए सभी जरूरी स्थानों पर समान रूप से ध्यान देने की बात कही।
ग्रामीणों ने कहा कि नवरात्रि जैसे पर्व लोगों को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी देते हैं। ऐसे अवसर पर सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई और रास्तों की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। लोगों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सभी लोग मिलकर अपनी समस्याओं को संबंधित प्रतिनिधियों और अधिकारियों तक पहुंचाएं तो कई समस्याओं का समाधान समय रहते संभव हो सकता है।
इस दौरान शिव शंभू कुमार सिंह, विपिन कुमार, बसंत सिंह, रामलाल साह, अशोक तिवारी, राजू तिवारी, त्रिविक्रम तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने सुबह करीब चार बजे एकजुट होकर सफाई कार्य की शुरुआत और पहल का जायजा लिया। इस दौरान लोगों ने कहा कि लंबे समय से रास्ते की स्थिति को लेकर परेशानी थी और नवरात्रि के पहले सफाई शुरू होना श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी कदम है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव की समस्या तब अधिक गंभीर हो जाती है जब लोग अपनी परेशानी बताने के बाद भी समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार करते रहें। ऐसे में जिस स्तर पर तत्काल पहल संभव हो, वहां पहल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों से अपेक्षा रहती है कि वे जनता की समस्याओं को सुनें और संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल चुनाव के समय जनता के बीच जाकर समर्थन मांगने तक सीमित नहीं होना चाहिए। जनता से जुड़े लोगों की समस्याओं को समझना और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना भी सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लोगों ने कहा कि चुनाव के समय सभी प्रत्याशी विकास और समस्याओं के समाधान की बात करते हैं, लेकिन जनता के लिए महत्वपूर्ण यह है कि सामान्य समय में भी गांव की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव में किसी भी व्यक्ति या प्रतिनिधि द्वारा जनहित में किया गया कार्य स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी होता है। हालांकि स्थायी विकास के लिए पंचायत और सरकारी विभागों की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। उन्होंने मांग की कि जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उनका स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत एवं जलनिकासी की व्यवस्था की जाए।
मां भगवती दरबार जाने वाली सड़क की सफाई शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। लोगों ने कहा कि सफाई के बाद रास्ते पर जलजमाव और गंदगी की समस्या कुछ हद तक कम होगी। साथ ही उन्होंने संबंधित स्तर पर आगे भी नियमित सफाई बनाए रखने की मांग की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूजा-पर