ओम प्रकाश तिवारी /मोतिहारी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण के तत्वावधान में शनिवार को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिले में कुल पांच बेंचों का गठन किया गया, जिनमें तीन मोतिहारी, एक ढाका और एक अरेराज में स्थापित की गई। इन बेंचों के माध्यम से कुल 81 मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
मोतिहारी की तीन बेंचों की अध्यक्षता क्रमशः एसीजेएम-5 श्रीमती शैला शुक्ला, न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती कुमारी रिंकू तथा एसडीजेएम, रक्सौल श्रीमती कंचन प्रभा ने की। अरेराज बेंच में उपेंद्र साह तथा ढाका बेंच में विवेक कुमार मिश्रा पीठासीन पदाधिकारी रहे।
विशेष लोक अदालत की बेंच संख्या-1 में 24, बेंच संख्या-2 में 41, बेंच संख्या-3 में 6, बेंच संख्या-4 में 7 तथा बेंच संख्या-5 में 3 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 10 वर्ष से अधिक पुराने 10 से ज्यादा मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिषेक कुमार दास तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने सभी बेंचों का निरीक्षण कर वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण निष्पादन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विशेष लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय मिल रहा है, जिससे समय और संसाधनों की भी बचत हो रही है।
लोक अदालत के दौरान दो मामलों में मानवता और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। न्यायिक दंडाधिकारी कुमारी रिंकू की बेंच में वादकारियों ने विपक्षी पक्ष की मृत्यु तथा उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए चेक की पूरी राशि माफ कर दी। इस मानवीय पहल ने न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि न्याय के साथ संवेदनशीलता भी समाज को मजबूत बनाती है।
इस विशेष लोक अदालत की एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि एसीजेएम-12 अविनाश कुमार के न्यायालय से संबंधित लगभग 18 लाख रुपये के चेक बाउंस वाद का सफल निष्पादन रहा।
आयोजन के सफल संचालन में गैर-न्यायिक सदस्य भीष्म कुमार, मुक्तिनाथ शर्मा, रविनंदन शर्मा, अभय कुमार एवं राजाराम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं न्यायालय कर्मियों अभिजीत कुमार, राजेश कुमार प्रसाद, अजय कुमार, राजप्रकाश, मुकेश कुमार, कृष्णकांत कुमार एवं दीपक कुमार ने भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, गैर-न्यायिक सदस्यों एवं न्यायालय कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आमजन से अपील की कि वे अपने मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाएं, ताकि न्याय व्यवस्था को और अधिक सुलभ, सरल एवं प्रभावी बनाया जा सके।