रांची/डेस्क: आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ऐतिहासिक जीत के बाद बेंगलुरु में आयोजित जश्न एक बड़े हादसे में तब्दील हो गया। चिन्नास्वामी स्टेडियम और विधानसभा भवन के आसपास जुटी भीड़ ने जब संयम खोया तो वहां मौजूद प्रशासन और आयोजकों की तैयारियों की पोल खुल गई। इस भगदड़ में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

आरसीबी की 18 साल में पहली बार मिली ट्रॉफी जीतने की खुशी में लाखों की भीड़ उमड़ी थी। लेकिन जश्न का यह माहौल कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया जब अचानक भीड़ ने नियंत्रण खो दिया और अफरा-तफरी मच गई। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसे के दौरान स्टेडियम के भीतर रंगारंग कार्यक्रम जारी था और बाहर लोग जान गंवा रहे थे।

मृतकों में अधिकांश युवा
बेंगलुरु के बावरिंग अस्पताल वायदेही अस्पताल और मणिपाल अस्पताल में कुल 11 शव लाए गए हैं। मृतकों में 13 वर्षीय दिव्यांशी 26 वर्षीय दिया 21 वर्षीय श्रवण 20 वर्षीय भूमिक 19 वर्षीय साहना और 19 वर्षीय चिन्मयी शामिल हैं। कुछ शवों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।

हादसे की वजहें:

भीड़ का नियंत्रण से बाहर होना

नाले के ऊपर बना स्लैब गिरना

बारिश के चलते मची भगदड़

विक्ट्री परेड का रद्द होना और भीड़ का भटकाव

सुरक्षा बंदोबस्त की कमी

चश्मदीदों के मुताबिक जिस वक्त लोग बाहर सीपीआर की गुहार लगा रहे थे स्टेडियम के अंदर सेलिब्रेशन और विजयी भाषण जारी थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे पर चढ़ते नजर आए।

राजनीति पर भी उठे सवाल
हादसे के दौरान कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार खिलाड़ियों के साथ ट्रॉफी थामे नजर आए। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार ने लोकप्रियता भुनाने के लिए जश्न का आयोजन किया लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी की। अब सरकार आयोजकों पर और आयोजक प्रशासन पर दोष मढ़ रहे हैं जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं।

सरकार की सफाई
सरकार का कहना है कि विधानसभा के पास कोई बड़ी घटना नहीं हुई और पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। हालांकि प्रशासन इस बात को स्वीकार कर चुका है कि स्टेडियम की 35000 क्षमता के मुकाबले 3 लाख से ज्यादा लोग उमड़े थे।

अब क्या?
जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई उन 11 परिवारों के लिए राहत ला सकेगी जिन्होंने अपने अपनों को खो दिया? क्या अब हर बड़ा जश्न पहले इंसानियत और सुरक्षा की कसौटी पर परखा जाएगा?

यह हादसा एक चेतावनी है—कि अगर उत्सव में संवेदना न हो तो जीत भी जानलेवा हो सकती है।