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Chhath Puja 2025: व्रती को कौन से रंग पहनने चाहिए और किन नियमों का रखें पालन

नई दिल्ली– छठ महापर्व केवल पूजा और अनुष्ठान तक ही सीमित नहीं है। इस पर्व में व्रती (उपवासी) की शुद्धता, आस्था और अनुशासन का विशेष महत्व होता है। व्रती द्वारा पहने जाने वाले कपड़ों का रंग भी पूजा की पवित्रता और शुभता में अहम भूमिका निभाता है।

व्रती किन रंगों से बचें

काला रंग (Black): पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा में बाधा डालता है, अशुभ माना जाता है।

नीला और ग्रे (Blue & Grey): उदासी और नकारात्मकता को दर्शाते हैं।

गहरा लाल / मैरून (Deep Red / Maroon): व्रत और शुद्धता के अनुरूप नहीं।

बहुत अधिक पैटर्न वाले कपड़े: जटिल पैटर्न ध्यान भटकाते हैं। व्रती को साधारण और एक रंग के कपड़े पहनने चाहिए।

व्रती के लिए शुभ रंग

पीला (Yellow): खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा के लिए।

हल्का लाल / नारंगी (Light Red / Orange): आस्था और भक्ति को दर्शाता है।

व्रत के दौरान पालन करने योग्य नियम

पवित्रता बनाए रखें: मन और कर्म को साफ रखें। पूजा स्थल और सामग्री हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित हों।

भोजन में संयम: केवल सात्विक भोजन करें; लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब वर्जित।

सोने का तरीका: उच्च बिस्तर पर सोने से बचें; जमीन पर बिस्तर बिछाकर सोना शुभ।

पूजा सामग्री और टोकरी: नई, साफ और बांस की टोकरी का प्रयोग करें; कांच, प्लास्टिक या लोहे के बर्तन न उपयोग करें।

वर्जित वस्तुएं: चमड़े या अशुद्ध सामग्री का प्रयोग मना।

घर के अन्य नियम: पूजा के दौरान घर के सभी सदस्य मांसाहार और व्यसन से दूर रहें।

सदाचार और आचरण: क्रोध, ईर्ष्या, चुगली और गलत बातों से बचें; बुजुर्गों का सम्मान करें।

व्रत में वर्जित भोजन

लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब।

पूजा सामग्री के लिए उचित बर्तन

नई, साफ और बांस की टोकरी;

कांच, लोहे या प्लास्टिक के बर्तन वर्जित।

छठ पूजा में इन नियमों और रंगों का पालन व्रती की भक्ति और पूजा की पवित्रता को बनाए रखता है, साथ ही घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक रहता है।

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