जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पड्डर सब-डिवीज़न के चिशोती गांव में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ। मचैल माता मंदिर यात्रा के दौरान बादल फटने से इलाके में अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
हजारों श्रद्धालु मचैल माता मंदिर यात्रा पर निकले थे और गांव में टेंटों में रुकने की व्यवस्था की गई थी। अचानक तेज बारिश और बादल फटने से टेंट बह गए और गांव का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। घटना के बाद आसपास दहशत का माहौल है।
रेस्क्यू में दिक्कतें
बादल फटने वाली जगह तक जाने वाली सड़क पूरी तरह बह गई, जिससे रेस्क्यू टीमों को मौके पर पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना की डेल्टा फोर्स को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है।
खराब मौसम और भूस्खलन राहत कार्यों में बड़ी बाधा बने हुए हैं।
कुछ रेस्क्यू दल पैदल ही गांव तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
हालात और बयान
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और हर जगह खतरा मंडरा रहा है।
पिछले 15 दिनों से पुंछ, राजौरी और डोडा इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे कई जगहों पर बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनी हैं।
हजारों यात्री अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
प्रशासन की तैयारी
हेलीकॉप्टर की मदद से राहत सामग्री और मेडिकल टीमों को घटनास्थल के पास भेजा जा रहा है। नुकसान का आकलन करने और घायलों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कैंप स्थापित किए हैं।