DA Case in Supreme Court : कर्मचारियों के पक्ष में बड़ा फैसला, बकाया महंगाई भत्ता भुगतान का आदेश
कोलकाता (Kolkata): सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court (सुप्रीम कोर्ट) ने महंगाई भत्ता Dearness Allowance – DA (महंगाई भत्ता) के बकाया भुगतान को लेकर सरकारी कर्मचारियों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति संजय करोल की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह कर्मचारियों को Arrear (एरियर) सहित बकाया डीए का भुगतान करे।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता Legal Right (कानूनी अधिकार) है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि राज्य सरकार को 31 मार्च तक बकाया डीए का 25 प्रतिशत (25%) भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि का भुगतान 15 मई तक किया जाएगा।
नई Committee (समिति) का गठन
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि बकाया डीए के भुगतान की प्रक्रिया तय करने के लिए एक नई Committee (समिति) बनाई जाएगी। यह चार सदस्यीय समिति होगी, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।
यह समिति यह तय करेगी कि शेष 75 प्रतिशत (75%) DA Arrear (डीए एरियर) का भुगतान किस तरह और कितनी किस्तों में किया जाएगा।
पहले भी दिया गया था आदेश
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बकाया महंगाई भत्ता का 25 प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया था और इसके लिए छह सप्ताह का समय दिया गया था।
लेकिन राज्य सरकार तय समय में भुगतान नहीं कर सकी और अदालत से अतिरिक्त समय मांगा। इसके बाद लगातार सुनवाई हुई और अंततः कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में अंतिम फैसला सुनाया।
Calcutta High Court (कलकत्ता हाईकोर्ट) का फैसला भी बरकरार
इससे पहले Calcutta High Court (कलकत्ता हाईकोर्ट) ने भी राज्य सरकार की याचिका खारिज करते हुए कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि डीए राज्य कर्मचारियों का अधिकार है और उन्हें केंद्रीय कर्मचारियों के समान दर पर डीए मिलना चाहिए।
राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है।
West Bengal (पश्चिम बंगाल) में बेहद कम DA
वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार अपने कर्मचारियों को केवल 18 प्रतिशत (18%) DA का भुगतान कर रही है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत (58%) DA मिल रहा है।
इस तरह केंद्र और राज्य कर्मचारियों के बीच लगभग 40 प्रतिशत (40%) का अंतर बना हुआ है।
राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, पंचायत और नगरपालिका कर्मियों को भी इसी दर पर डीए दिया जा रहा है।
Budget Announcement (बजट घोषणा)
पिछले बजट में पश्चिम बंगाल सरकार ने डीए में बढ़ोतरी की घोषणा की थी और 1 अप्रैल से नई दर लागू की गई थी।
लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारियों के बीच डीए का अंतर काफी ज्यादा बना हुआ है।
Employees Union (कर्मचारी संघ) की लड़ाई रंग लाई
लंबे समय से डीए भुगतान में देरी और कम दर को लेकर राज्य कर्मचारियों के Employees Union (कर्मचारी संघ) ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को कर्मचारियों की बड़ी जीत माना जा रहा है।
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