रेलवे ट्रैक, पुल और स्टेशन एरिया की सुरक्षा अब और भी हाई-टेक हो गई है। धनबाद रेलवे डिवीजन में पहली बार 17.61 लाख रुपये का अत्याधुनिक निरीक्षण ड्रोन तैनात किया गया है, जो दिन-रात चौकन्ना रहकर रेलवे की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। यह पहल न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को कम करेगी, बल्कि समय रहते खामियों की पहचान कर उनकी मरम्मत भी संभव बनाएगी।

धनबाद के तीन युवा—राजा ठाकुर, सागर रेड्डी और मनीष कुमार—ने अपने स्टार्टअप विंटल लैब्स के तहत यह हाई-एंड सर्विलांस ड्रोन विकसित किया है। इसमें हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग और लाइव वीडियो ट्रांसमिशन जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यह ड्रोन पटरियों की स्थिति, ओवरहेड वायर, पुल, रेलवे यार्ड, स्टेशन क्षेत्र और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर 24×7 नज़र रख सकेगा। यहां तक कि यह हाथियों की गतिविधि की जानकारी भी तुरंत कंट्रोल रूम को भेज देगा।

राजा ठाकुर के अनुसार, धनबाद रेलवे डिवीजन देश के शुरुआती डिवीजनों में शामिल हो गया है, जहां इस स्तर की एडवांस तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। एक उड़ान में ड्रोन 5 से 7 किलोमीटर तक का रेलवे ट्रैक और आसपास का इलाका कवर कर सकता है। भविष्य में इसके मॉडल के आधार पर कवरेज और भी बढ़ाई जा सकती है।

स्टार्टअप के तीनों संस्थापक इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। उनका लक्ष्य रेलवे सुरक्षा में नई तकनीक का अधिकतम उपयोग करना है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया तेज़ और सटीक हो सके तथा दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम हो।

ड्रोन रिमोट कंट्रोल या प्री-प्रोग्राम्ड फ्लाइट पाथ के जरिए उड़ता है और रीयल-टाइम में कंट्रोल रूम को वीडियो व डेटा भेजता है। दुर्घटना होने की स्थिति में यह तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का लाइव अपडेट देता है, जिससे राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें।