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Murshidabad के 3 प्रवासी श्रमिकों की तमिलनाडु में मौत, परिवारों ने की मदद की मांग

पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद जिले (Murshidabad District) के 3 प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) की तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मौत (Death) हो गई है। मृतकों (Deceased) में ओबैदुर रहमान (Obaidur Rahman) और नजीबुल हक (Najibul Haque) शामिल हैं। तीसरे मृतक (Third Deceased) का नाम अभी तक पता नहीं चल पाया है।नजीबुल हक (Najibul Haque) के चचेरे भाई शाहिद-उल मोमिन (Shahid-ul Momin) और ओबैदुर रहमान (Obaidur Rahman) के मामा (Maternal Uncle) ने कहा कि राज्य सरकार (State Government) को युवाओं (Youth) के लिए काम (Employment) की व्यवस्था करनी चाहिए। बंगाल (Bengal) में रोजगार (Employment) न मिलने की वजह से यहां के युवाओं (Youth) को अन्य राज्यों (Other States) में नौकरी (Jobs) करने जाना पड़ता है और वहां उनके साथ अक्सर अनहोनी (Accidents) होती रहती है।नजीबुल के परिवार (Family) की मदद करे सरकार – शाहिद-उल मोमिनशाहिद-उल मोमिन (Shahid-ul Momin) ने कहा कि यहां से लोग अन्य राज्यों (Other States) में घर बनाने (Construction Work) जाते हैं और वहां उनकी लाशें (Bodies) गिर रही हैं। नजीबुल (Najibul) के छोटे-छोटे बच्चे (Children) हैं। सरकार (Government) को उनकी मदद (Help) करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार (Government) की ओर से उनके परिवार (Family) को कोई मदद (Assistance) नहीं मिली है।

उन्होंने बताया कि स्थानीय नेता (Local Leaders) मौके पर आए, मृतक के परिजनों (Families of Deceased) से मिले, काफी देर बातचीत की, लेकिन कोई मदद (Help) नहीं दी। परिजन (Families) रो-रोकर बुरे हाल (Grief) में हैं।

8 फरवरी को लौटने वाला था ओबैदुर रहमान (Obaidur Rahman)

दूसरे मृतक ओबैदुर रहमान (Obaidur Rahman) की उम्र लगभग 24-25 साल (Years) थी। उनके मामा (Uncle) ने बताया कि मुर्शिदाबाद (Murshidabad) आने के लिए उसने 8 फरवरी (8th February) का टिकट (Ticket) कटवा लिया था।

शनिवार (Saturday) को मिट्टी (Soil) की खुदाई (Excavation) के दौरान रेत का ढेर (Sand Pile) ढह गया और सपोर्टिंग वॉल (Supporting Wall) गिरने की वजह से प्रवासी श्रमिक (Migrant Workers) मलबे (Debris) के नीचे दब गए।

मामा (Uncle) ने बताया कि जब मलबे (Debris) से उनके भांजे (Nephew) को निकाला गया, तब उसकी सांस (Breathing) चल रही थी। इलाज (Treatment) के लिए अस्पताल (Hospital) ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया (Saved) नहीं जा सका।

घर का बड़ा बेटा और पढ़ाई (Studies) पूरी कर रहा था ओबैदुर (Obaidur)

ओबैदुर (Obaidur) के मामा (Uncle) ने बताया कि वह घर का बड़ा बेटा (Elder Son) था। उसने बीए सेकेंड ईयर (BA Second Year) तक पढ़ाई (Studies) की थी। मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में काम (Job) न मिलने के कारण चेन्नई (Chennai) चला गया। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के नीलगिरी (Nilgiri) जिले के कुन्नूर (Coonoor) में काम (Work) के दौरान हादसे (Accident) में उसकी मौत (Death) हो गई।

पैसे जमा करके मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में व्यवसाय (Business) करने का सपना था ओबैदुर (Obaidur)

मामा (Uncle) ने बताया कि ओबैदुर (Obaidur) सोच रहा था कि कुछ साल कमाकर पैसे (Money) जमा करेगा और मुर्शिदाबाद (Murshidabad) में अपना व्यवसाय (Business) शुरू करेगा। उन्होंने बंगाल सरकार (Bengal Government) से मांग (Request) की है कि ओबैदुर (Obaidur), उसके माता-पिता (Parents) और 4 भाई-बहनों (Siblings) की मदद (Assistance) करे।

सरकार (Government) या तो आर्थिक मदद (Financial Aid) करे या परिवार (Family) के किसी सदस्य (Member) को रोजगार (Job) दे, ताकि उनकी रोजी-रोटी (Livelihood) चलती रहे। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई सरकारी मदद (Government Aid) नहीं मिली है।

बंगाल में युवाओं (Youth) के लिए रोजगार (Employment) देने की व्यवस्था करे सरकार

ओबैदुर रहमान (Obaidur Rahman) के मामा (Uncle) ने राज्य सरकार (State Government) से अपील (Appeal) की कि मुर्शिदाबाद (Murshidabad) के युवाओं (Youth) के लिए ऐसी व्यवस्था (System) की जाए, ताकि उन्हें यहीं काम (Jobs) मिल जाए।

उन्होंने कहा कि ओबैदुर (Obaidur) जैसी घटनाओं (Accidents) से कोई और बच्चा (Child) प्रभावित (Affected) न हो। जूट मिल (Jute Mills) या अन्य कारखानों (Factories) में युवाओं (Youth) को नौकरी (Jobs) मिलनी चाहिए।

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