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Patna NEET Chhatra Case: पटना NEET छात्रा केस में SIT की जांच )तेज, छात्राओं में डर का माहौल

Patna NEET Chhatra Case:   पटना (Patna) में NEET की तैयारी (Preparation) कर रही एक छात्रा (Student) की मौत (Death) के मामले में जांच (Investigation) लगातार तेज होती जा रही है। रविवार (Sunday) को SIT यानी विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) एक्शन (Action) में दिखी। टीम (Team) प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल (Prabhat Memorial Hospital) पहुंची। यहां डॉक्टरों (Doctors) से लंबी पूछताछ (Interrogation) की गई।

हॉस्टल (Hostel) में रहने वाली छात्राओं (Girls) का भी बयान (Statement) पहली बार सामने आया है। उनका कहना है कि हॉस्टल में डर का माहौल (Fear Environment) है। पुलिस (Police) थाने (Police Station) बुला रही है। घटना (Incident) के बाद हॉस्टल खाली (Evacuated) करा दिया गया था। सभी छात्राएं अपने-अपने घर (Home) चली गई थीं। इसके बाद हॉस्टल को सीज (Sealed) कर दिया गया।

माता-पिता (Parents) के साथ हॉस्टल पहुंचीं छात्राएं

अब हालात (Situation) यह हैं कि छात्राएं अपने माता-पिता (Parents) के साथ हॉस्टल (Hostel) पहुंची हैं, ताकि अपना सामान (Belongings) ले सकें। लेकिन हॉस्टल अब तक खोला (Opened) नहीं गया है। सभी का सामान अंदर ही पड़ा है। छात्राओं ने बताया कि उनकी पढ़ाई (Studies) बुरी तरह प्रभावित (Affected) हो रही है। क्लास (Classes) छूट रही है और किताब-कॉपी (Books & Notebooks) तक नहीं मिल पा रही।

छात्राओं (Girls) ने कहा कि अगर सिर्फ किताब और कॉपी (Books & Notebooks) मिल जाती, तो थोड़ी राहत (Relief) मिलती। इसके लिए उन्होंने थाने (Police Station) में कॉल (Call) किया। लेकिन पुलिस (Police) उन्हें थाने आने (Come to Station) को कह रही है। छात्राओं और उनके परिजनों (Relatives) में इसे लेकर नाराजगी (Anger) है।

छात्राओं में डर का माहौल

छात्राओं (Girls) ने मीडिया (Media) से बातचीत में कहा कि इस घटना (Incident) के बाद हॉस्टल (Hostel) में डर का माहौल (Fear Environment) है। अब वे कभी किसी गर्ल्स हॉस्टल (Girls Hostel) में रहना नहीं चाहेंगी। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के माहौल (Environment) में कोई भी लड़की (Girl) खुद को सुरक्षित (Safe) महसूस नहीं कर सकती।

हॉस्टल में गड़बड़ी (Irregularities) पर क्या बोलीं छात्राएं

जब पत्रकारों (Journalists) ने पूछा कि “आप लोग हॉस्टल (Hostel) में रहती थीं, तब क्या कुछ संदिग्ध (Suspicious) दिखता था? क्या कोई गड़बड़ी (Irregularity) महसूस होती थी?” इस सवाल पर छात्राओं (Girls) ने कहा कि उस समय ऐसा कुछ नजर नहीं आया। हॉस्टल सामान्य (Normal) ही लग रहा था। लेकिन अब जो कुछ हुआ है, उसके बाद डर (Fear) लग रहा है। इसलिए अब सभी घर (Home) लौट जाना चाहती हैं।

SIT जांच (Investigation) लगातार आगे बढ़ा रही

SIT (Special Investigation Team) की जांच (Investigation) लगातार आगे बढ़ रही है। अस्पतालों (Hospitals) की भूमिका (Role), इलाज की प्रक्रिया (Treatment Process) और रेफर (Referral) करने के फैसले (Decision) की भी जांच हो रही है। पुलिस (Police) हर एंगल (Angle) से मामले (Case) को देख रही है। जांच (Investigation) जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कई और परतें (Layers) खुलने की उम्मीद (Expectation) है।

फिलहाल छात्राएं (Girls) डरी हुई हैं और परिजन (Relatives) न्याय (Justice) की मांग (Demand) कर रहे हैं।

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