अजीत कुमार / दिल्ली
दिल्ली नगर निगम (MCD) मुख्यालय में आयोजित सदन (House Meeting) के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी पार्षदों ने E-20 Ethanol Blended Petrol Policy और राजधानी में जलभराव (Waterlogging) की समस्या को लेकर भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
सदन के दौरान AAP पार्षदों ने कहा कि यदि E-20 पेट्रोल वास्तव में पर्यावरण के लिए बेहतर है, तो भाजपा सरकार यह स्पष्ट करे कि क्या दिल्ली में चलने वाले सभी वाहन इस ईंधन के अनुकूल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि E-20 के इस्तेमाल से किसी वाहन को नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। साथ ही आरोप लगाया कि यह नीति आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है।
AAP पार्षदों ने कहा कि सरकार को E-20 नीति लागू करने से पहले वाहन मालिकों की सुरक्षा और संभावित नुकसान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
वहीं, दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर भी सदन में हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने भाजपा की मेयर प्रवेश वाही से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
AAP का आरोप है कि मेयर ने जलभराव के मुद्दे पर जवाब देने के बजाय जल्दबाजी में सदन का एजेंडा पारित कराया और बैठक स्थगित कर सदन से बाहर निकल गईं। इसे लेकर विपक्षी पार्षदों ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया।
MCD सदन की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।