महाराष्ट्र के बारामती (Baramati, Maharashtra) के पास डिप्टी सीएम और एनसीपी (NCP) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) का निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लैंडिंग (Landing) के दौरान हुए इस हादसे में अजित पवार (Ajit Pawar) समेत विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई।

अजित पवार (Ajit Pawar) ने अपने चाचा शरद पवार (Sharad Pawar) की उंगली पकड़कर राजनीति (Politics) में कदम रखा और एनसीपी (NCP) को महाराष्ट्र (Maharashtra) में मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि 2022 (2022) में उन्होंने शरद पवार (Sharad Pawar) से अलग अपनी राजनीतिक राह चुनकर बीजेपी (BJP) के साथ सरकार बनाई।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अजित पवार (Ajit Pawar) का जन्म 22 जुलाई 1959 (22 July 1959) को अहमदनगर (Ahmednagar) जिले के देवलाली प्रवरा (Deolali Pravara) में हुआ। उनके पिता (Father) फिल्म जगत (Film Industry) से जुड़े थे। अजित पवार (Ajit Pawar) ने महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल (Maharashtra Education Society High School, Baramati) से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पिता का निधन होने के कारण उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और राजनीति (Politics) में आए।
राजनीतिक करियर
अजित पवार (Ajit Pawar) ने 1982 (1982) में शरद पवार (Sharad Pawar) के मार्गदर्शन में राजनीति शुरू की। शुरुआत में उन्होंने सहकारी चीनी कारखाने (Cooperative Sugar Factory) के बोर्ड और पुणे सहकारी बैंक (Pune Cooperative Bank) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
1991 (1991) में बारामती (Baramati) से पहली बार लोकसभा (Lok Sabha) चुनी गई, लेकिन बाद में यह सीट शरद पवार (Sharad Pawar) को दी। इसके बाद अजित पवार (Ajit Pawar) महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में सक्रिय रहे।
विधायक और डिप्टी सीएम (Deputy CM) तक का सफर
अजित पवार (Ajit Pawar) 1995 (1995) से बारामती (Baramati) विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक (MLA) चुने जाते रहे। उन्होंने 45 साल (45-year) के सियासी करियर में एक बार सांसद (MP) और सात बार विधायक (MLA) के रूप में सेवा दी।
उन्होंने कृषि (Agriculture), ऊर्जा (Energy), योजना (Planning), सिंचाई (Irrigation) और ग्रामीण विकास (Rural Development) जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले।
अजित पवार (Ajit Pawar) छह बार महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बने।
शरद पवार (Sharad Pawar) से बगावत
2022 (2022) में जब शरद पवार (Sharad Pawar) ने अपनी बेटी सुप्रिया सुळे (Supriya Sule) को पार्टी में आगे बढ़ाया, तब अजित पवार (Ajit Pawar) ने अलग राजनीतिक राह चुनकर बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार (Mahayuti Government) में शामिल हो गए। 2024 (2024) में उन्होंने एनसीपी (NCP) पर अपना प्रभाव कायम किया और अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित की।