महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का अंतिम संस्कार गुरुवार को बारामती (Baramati) में पूरे राजकीय सम्मान (State Honour) के साथ किया गया। उनकी अंतिम यात्रा (Final Journey) सुबह करीब 9 बजे विद्या प्रतिष्ठान परिसर (Vidya Pratishthan Campus) से शुरू हुई और विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर संपन्न हुई, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अजित पवार के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी गाड़ी (Decorated Vehicle) में ले जाया गया, जिस पर उनकी तस्वीर लगी थी और एक बोर्ड पर लिखा था, “स्वर्गीय अजितदादा पवार अमर रहें (Ajit Dada Amar Rahein)”. अंतिम यात्रा के दौरान समर्थक “अजित दादा अमर रहें” के नारे लगाते नजर आए।

इस मौके पर उनके बेटे जय पवार (Jay Pawar), भतीजे रोहित पवार (Rohit Pawar) और पवार परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। एनसीपी (NCP) समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ अंतिम दर्शन (Last Rites) के लिए उमड़ी।

अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री अमित शाह (Amit Shah), नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Naveen) भी शामिल हुए और उन्होंने अजित पवार को श्रद्धांजलि (Tribute) अर्पित की।

इस बीच नागर विमानन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने जानकारी दी कि बारामती हवाई अड्डे (Baramati Airport) पर दुर्घटनाग्रस्त हुए ‘लियरजेट-45’ विमान (Learjet-45 Aircraft) का ब्लैक बॉक्स (Black Box) बरामद कर लिया गया है। मंत्रालय के अनुसार विमान हादसे की जांच (Investigation) तेजी से आगे बढ़ रही है।

पवार के पैतृक गांव काटेवाडी (Katewadi Village) में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह सैकड़ों लोग उनके आवास पर पहुंचे और “अजित दादा अमर रहें” तथा “अजित दादा परत या” जैसे नारे लगाए। ग्रामीणों और समर्थकों ने क्षेत्र के विकास (Regional Development) में उनकी भूमिका को याद करते हुए कहा कि उनके जैसा नेता दोबारा नहीं मिलेगा।

पूरे महाराष्ट्र (Maharashtra) में शोक का माहौल है और राजनीतिक जगत (Political World) ने एक वरिष्ठ नेता को खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया है।