बिद्युत महतो / रफ्तार मीडिया संवाददाता, ईचागढ़

ऐतिहासिक हूल क्रांति के अमर नायक शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो के बलिदान दिवस ‘हूल दिवस’ के अवसर पर मंगलवार को आजसू पार्टी की ओर से श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को स्मरण किया। चांडिल के चिलगु स्थित आजसू पार्टी के प्रधान कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1855 में अंग्रेजी शासन, ज़मींदारों के शोषण और अन्याय के विरुद्ध शुरू हुई हूल क्रांति केवल विद्रोह नहीं, बल्कि स्वाभिमान, अधिकार और अस्मिता की लड़ाई थी। शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो ने जिस अदम्य साहस और त्याग का परिचय दिया, वह आज भी समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती वीरों और संघर्षों की धरती रही है तथा स्वतंत्रता आंदोलन में यहां के क्रांतिकारियों का योगदान अविस्मरणीय है। आज की युवा पीढ़ी को हूल क्रांति के इतिहास और हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्षों से परिचित कराना समय की आवश्यकता है, ताकि उनके आदर्श और बलिदान सदैव समाज को दिशा देते रहें। कार्यक्रम में पूर्व चांडिल प्रमुख अमला मुर्मू, भीम महापात्र, देवराज महतो, हिमेश महतो सहित आजसू पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।